आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का टोंक से जयपुर के लिए मंगल विहार संस्कारित आदमी में भगवान की मूर्ति दिखाई देती है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

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आचार्य विनिश्चय सागर महाराज का टोंक से जयपुर के लिए मंगल विहार संस्कारित आदमी में भगवान की मूर्ति दिखाई देती है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

टोंक –
आचार्य श्री108 विनिश्चय सागर महाराज संध का टोंक से जयपुर के लिए मंगल विहार हुआ।आचार्य श्री 108विनिश्चय सागर महाराज, मुनि प्रज्ञान सागर महाराज एवं मुनि प्रसिद्ध सागर महाराज टोंक से मंगल विहार करके नेशनल हाईवे स्थित सोहेला पोलिटेकनिक कालेज में रात्रिकालीन विश्राम किया। इस दौरान कालेज से पद विहार करते हुए सोहेला पहुंचे।आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज संध सोमवार को सांयकाल सोहेला से जयपुर के लिए मंगल विहार हुआ। 

 

 

इस अवसर पर आचार्य श्री108 विनिश्चय सागर महाराज ने कहा कि मानव जीवन ही क्या, सचेतन पदार्थ ही क्या, अचेतन पदार्थ भी संस्कारों के माध्यम से अपने मूल्य में अनंत गुणी वृद्धि कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारित पाषाण में भगवान की सूरत नज़र आने लगती है। संस्कारित आदमी में भगवान की मूर्ति दिखाई देती है जो अपने जीवन को सद् संस्कार रुपी सांचे में ढाल लेता है उसकी कीर्ति विश्व वसुंधरा पर लहराने लगती है।

 

 

 

 

मनीषियों द्वारा प्रतिपादित संविधान के अनुसार आचरण और संस्कार से जो सहित है वह है संस्कारित या संस्कारवान आत्मा। उन्होंने कहा कि संस्कारों की बात कुल परम्परा से आती है।

संस्कारित की सर्वत्र उपयोगिता है इसी प्रकार वीतरागता से अनन्त गुणो से संस्कारित होने पर पतित आत्मा की पुनीत बन जाती है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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