गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी आर्यिका संघ ने चमत्कारजी आलनपुरसे केशवराय पाटन के लिए विहार किया श्रावक-श्राविकाओं ने नम आंखों से विदाई दी,
सवाईमाधोपुर
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी में धर्म प्रभावना पूर्वक 56वां वर्षायोग सम्पन्न करने के बाद भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमती माताजी ने शनिवार को ससंघ ने केशवरायपाटन की ओर विहार किया।
इस दौरान समाज के लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। सकल दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि विहार से पूर्व आर्यिका संघ ने चमत्कारजी मंदिर की वेदी में विराजित जिनेंद्र प्रतिमाओं के दर्शन किए। साथ ही समाजजनों ने भगवान आदिनाथ सेआर्यिका संघ के निर्विघ्न विहार की मंगल कामना की।
इसी क्रम में प्रबुद्धजनों। ने अपने-अपने विचार व्यक्त कर
•विनयांजलि अर्पित की। इस मौके पर आर्यिका विशुद्धमती
– माताजी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि चातुर्मास आत्मशोधन, साधना और संयम की साधना का प्रसंग है। यह केवल साधु-साध्वी के ही जीवन का अंग नहीं,बल्कि हर गृहस्थ के लिए आत्मानुशासन का पवित्र अवसर होता है।

उन्होंने कहा। कि जीवन में धर्म का अर्थ केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, अपितुमन, वचन और पवित्रता से जुड़ा है।
उन्होंने वर्षा योग को निर्भीक सम्पन्न करने में अति प्रशंसनीय योगदान देने के लिए 56वें वर्षायोग समिति, समाजजनों सहित जिला प्रशासन की प्रशंसा की। धार्मिकl कार्यक्रमों को मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने में उनके द्वारा दिए गए सहयोग के लिए अनंत शुभाशीष और संयम पूर्वक जीवन जीते हुए धर्म की राह पर चलते रहने का सभी को मंगल आशीर्वाद दिया।
जिनवाणी स्तुति व आशीष वचनों के बाद भावुक समाज के
लोगों को ढांढस बंधाते हुए आर्यिका संघ ने चमत्कारजी आलनपुर से केशवरायपाटन की ओर कदम बढ़ाए और
समाजजनों ने आर्यिका संघ को नम आंखों से विदाई दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



