श्रावकों को प्रतिदिन देव दर्शन अभिषेक पूजन आवश्यक कर्तव्य करने से मनुष्य जीवन की सार्थकता होती हैं 28 को गर्भ कल्याणक होगा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

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श्रावकों को प्रतिदिन देव दर्शन अभिषेक पूजन आवश्यक कर्तव्य करने से मनुष्य जीवन की सार्थकता होती हैं 28 को गर्भ कल्याणक होगा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पीपल्दा 27 नवंबर राजेश पंचोलिया इंदौर मुलनायक भगवान का अतिशय है कि 972 वर्ष प्राचीन मंदिर के भगवान नए जिनालय में नवीन वेदी पर आप सब ने विराजित किए। 3 वर्ष पूर्व दिसंबर 2022 में हमने प्राचीन जिनालय को देखा जीर्ण शीर्ण मंदिर देख कर बहुत वेदना पीड़ा हुई। हमारी प्रेरणा से समाज ,नए मंदिर निर्माण हेतु संकल्पित हुआ। आज नवीन जिनालय तहसील में सबसे बड़ा बहुमंजिला मंदिर सवाई माधोपुर जिले के साथ अनेक राज्यों के दातारो के तन मन धन के सहयोग से पूर्ण हुआ।

यह मंगल देशना वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने प्राचीन जिनालय की प्रतिमाओ को नवीन जिनालय में बेदी पर विराजित करने के अवसर पर उपस्थित समाज की धर्मसभा में प्रकट की ।गुरु भक्त राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि जीवन में जन्म मरण लगा हुआ है जब तक जीवन है सभी को मंदिर में भगवान के नियमित दर्शन,अभिषेक,पूजन स्वाध्याय दान आदि श्रावक के आवश्यक कर्तव्य करना चाहिए।

मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ होकर कठिनाई से मिलता हैं श्रावक श्राविकाओं को दर्शन पूजन आदि कर जीवन की उन्नतिशील बनाने का पुरुषार्थ करना चाहिए। जब संघ ने प्रवेश किया था तब प्रवेश में आपकी भक्ति उत्साह भी भगवान का अतिशय है पंच कल्याणक हेतु पात्र अनेक राज्यों से बने हैं श्री मनोज जैन सोगानी अनुसार आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व श्री मज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव अंतर्गत प्रातः 7:00 बजे -नित्याभिषेक पूजन कर नए मंदिर जी में प्रातःअस्थायी जिनालय से भगवान को नवीन जिनालय में जुलूस द्वारा भक्ति भाव से लेकर सभी प्रतिमाओं की अभिषेक शांतिधारा कर नवीन जिनालय में वास्तु विधि ,चतुर्दिक हवन सभी पात्रों द्वारा किया गयापूज्य आचार्य भगवन के मंगल आशीर्वचन के बादआचार्य संघ की आहार चर्या हुई।दोपहर को प्रतिष्ठाचार्य पंडित मनोज के निर्देशन में मंडप में वास्तु विधि ,.शांति होम विधि ,दिक्पालार्चना सभी पात्रों द्वारा की गई ।इसके पश्चात सभी पात्रों की मेहँदी ,भक्ति संगीत के साथ चंद्रपुरी नगरी प्रांगण में लगाई गई शाम को नवीन जिनालय में श्री जी की आरती के बाद पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की आरती संत भवन में हुई। रात्रि में शास्त्र प्रवचन के बाद मंगल भक्ति गीत ,विनतियों का कार्यक्रम नवीन जिनालय में समर श्रीमति पूर्वा कंठाली जी इंदौर सौधर्म इन्द्र परिवार के द्वारा होकर प्रभावना वितरण किया गया। पंडित श्री मनोज शास्त्री के अनुसार 28 नवंबर को प्रातःधट कलश यात्रा ,ध्वजारोहण, मंडप उद्घाटन पंडाल ,भूमि शुद्धि ,चित्र अनावरण, दीप प्रवज्जलन किया गया।आचार्य के प्रवचन के बाद सभी पात्रों का सकली करण, विधान की पूजन गर्भ कल्याणक की क्रियाएं, रात्रि में 16 सपनो का नाटकीय मंचन होगा।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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