रिश्ते बनते हैं अच्छे स्वभाव से :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
गुंसी
दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज.) के तत्वावधान में परम पूज्या श्रमणी गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ सान्निध्य में फाल्गुन कृष्ण सप्तमी के दिन श्री चन्द्रप्रभ भगवान का ज्ञान कल्याणक एवं श्री सुपार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर प्रभुभक्त महेश मोटूका वाले निवाई वालों ने प्रभु की आम शांतिधारा एवं निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया। तत्पश्चात भक्तों ने झूम-नाच कर भक्ति के साथ अष्ट द्रव्य मय अर्घ्य समर्पित किए। गुरुभक्त परेश जैन जयपुर सपरिवार ने गुरुमाँ की आहारचर्या निर्विघ्न सम्पन्न कराकर अक्षय पुण्य का संचय किया। सिद्धार्थ नगर महिला मंडल ने गुरु मां का आशीर्वाद प्राप्त किया ।

आज के स्वार्थी युग में रिश्तों को बरकरार रखने का सदुपदेश देते हुए माताजी ने कहा कि- अच्छा स्वभाव और अच्छा दिल होना दोनों आवश्यक है। अच्छे दिल से रिश्ते बनते है और अच्छे स्वभाव से वो जीवनभर टिकते है। गलती हर इंसान से होती है लेकिन गलती सुधारता वहीं इंसान है, जो दिल का साफ होता है और रिश्तों को खोना नहीं चाहता है। काश लोग समझ जायें कि रिश्ते एक दूसरे का ख्याल रखने के लिए बनाये जाते है, एक-दूसरे का इस्तेमाल करने के लिए नहीं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
