निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज द्वारा दर्शनोदय तीर्थ में पहली बार दी जाएगी एक साथ 14 दीक्षाए
अशोकनगर
इतिहास में पहली बार 14 दीक्षाए होगी दर्शनौदय तीर्थ थूबोन जी मे, मुनिश्री सुधासागर महाराज के के द्वारा जैनेश्वरी दीक्षा होगी।
दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी के एक हजार साल के इतिहास में पहली बार एक मंच पर एक साथ चौदह दीक्षाएं मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के कर कमलों से होने जा रही है।
ये है 14दीक्षार्थी
जगत पूज्य के द्वारा दीक्षार्थियों के ना
1क्षुल्लक 105 वरिष्ठसागर जी (पथरिया)
2.क्षुल्लक 105 विदेहसागर जी (ऊ.प्र)
3.बाल ब्रम्हचारी अक्षय भैया जी अभाना
4.बाल ब्रम्हचारी अतिशय भैयाजी सागर
5.बाल ब्रम्हचारी विवेक भैयाजी गंजबसोदा
6.बाल ब्रम्हचारी कमलेश भैयाजी केकड़ी राज
7.बाल ब्रम्हचारी आशु भैयाजी जबलपुर
8.बाल ब्रम्हचारी अंकुर भैयाजी असम
9.बाल ब्रम्हचारी सोनू भैयाजी चरगुवा
10.बाल ब्रम्हचारी मोनू भैयाजी चरगुवा
11.बाल ब्रम्हचारी संयम भैयाजी अहमदाबाद गुजरात
12. बाल ब्रम्हचारी अंकित भैयाजी बाँदरी
13.बाल ब्रम्हचारी राहुल भैयाजी राजस्थान
14.बाल ब्रम्हचारी सुयश भैयाजी राहतगढ़

सैकड़ों वर्षों के बाद अतिशय क्षेत्रदर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जब मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज के द्वारा दीक्षा दी जा रही है।
इस आयोजन को लेकर दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी कमेटी द्वारा भव्य तैयारियां की जा रही है। इसको लेकर अशोकनगर में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सोनी कॉलोनी से भव्य बिनोली यात्रा निकाली गई। यात्रा के गांधी पार्क परपहुंचने पर समाजजनों ने गोद भराई की।
शुक्रवार की बेला में मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वास किसी पर करना नहीं और विश्वास के बिना जिंदगी चलनेवाली है नहीं। तब परस्पर दो विरोधी तत्व विद्यमान रहते हैं। तब अनेकता धर्म की ओर हमें ध्यान देना होगा। एक नैमैतिक विरोध होता रहा एक त्रिकाली विरोध होता है यहां तक कि आपातकाल भी कोई और नहीं कर सकता। जैसे आंख का काम कान नहीं कर सकते चाहे आपको दिखे या ना दिखे जैसे ज्ञान का काम दर्शन नहीं कर सकता दर्शन का काम ज्ञान नहीं कर सकते ये एक होते हुए भी ये परस्पर विरोधी है।
. संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


