चंचला लक्ष्मी का उपयोग चार प्रकार के दान में देकर मनुष्य जीवन को सार्थक करना चाहिएआचार्य श्री वर्धमान सागर जी 

धर्म

चंचला लक्ष्मी का उपयोग चार प्रकार के दान में देकर मनुष्य जीवन को सार्थक करना चाहिएआचार्य श्री वर्धमान सागर जी 

शिवाड़ 20 नवंबर (राजेश पंचोलिया इंदौर)संकल्प में बहुत बड़ी शक्ति होती है संकल्प से ही सफलता का मार्ग बनता है चंचला राशि को चार प्रकार के धार्मिक सामाजिक कार्य में दान देकर मनुष्य जीवन को सार्थक करना चाहिए आज श्री जी का पंचामृत अभिषेक किया गया यह आगम अनुसार होता है इसे पुण्य में वृद्धि होती है उपकारी अपने पर किए गए उपकार को कभी भूलता नहीं है। अजमेर के टीकम चंद सोनी श्रेष्ठि ने एक विद्यार्थी को 1000 का शिक्षा हेतु दान दिया बाद में वही व्यक्ति मुंबई में कलेक्टर बन गया संयोग से जैन समाज की श्रीजी की रथयात्रा की अनुमति मुंबई में लेने के लिए जब टीकम चंद सोनी कलेक्टर कार्यालय गए तो वह कलेक्टर उन्हें पहचान कर उनके चरणों में नतमस्तक होकर बोला कि आपने मुझे जो 1000 का शिक्षा दान दिया था उसी के कारण में आज इस पद पर हूं। समाज के तन मन धन के सहयोग से वर्धमान वाटिका निर्माण का शिलान्यास आज हुआ है ।इससे धार्मिक कार्य के साथ सामाजिक कार्य भी होंगे विद्यालय का भी विस्तार होगा लौकिक शिक्षा, जीवन में बहुत जरूरी है। यह मंगल देशना वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने शिवाड़ में जैन समाज की भूमि पर वर्धमान वाटिका के शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर व्यक्त की। राजेश पंचोलिया इंदौर गजराज लोकेश टोंक के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि सब कुछ जिनेंद्र प्रभु की कृपा से रहता है। बचपन का संस्मरण बताते हुए आचार्य श्री ने कहा कि हमने जिस नगर सनावद में जन्म लिया वहां पर भी हायर सेकेंडरी स्तर की स्कूल तथा औषधालय श्रेष्ठि मयाचंद ने दान देकर बनाई आज उसी शिक्षा के कारण इस संयमी पद पर हैं लौकिक शिक्षा से साधु, कलेक्टर, इंजीनियर सी ए आदि बनते है इनकी उपलब्धि से परिवार के साथ समाज का गौरव भी बढ़ता है।।हमने पहले भी प्रवचन में बताया था कि भवन में साधु के विश्राम करने से समाज दातार को अभय दान का पुण्य मिलता हैं। शिवाड़ जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंत्रोच्चार एवं बालाचार्य निपुण नंदी संघ सानिध्य में समाज की भूमि पर वर्धमान वाटिका निर्माण का शिलान्यास महापुरा रोड स्थित वर्धमान वाटिका का आज परम पूज्य आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज जी के सानिध्य में भूमि पूजन कराया गया जिसके मुख्य सहयोगकर्ता श्रीमान गंभीरमल ,श्रीमती मनफूली देवी ,अशोक कुमार ,सुभाष कुमार , सुरेंद्र कुमार , दिनेश ,मुकेश ,जितेंद्र परिवार द्वारा शिलान्यास किया गया तथा अन्य पुण्यार्जक परिवारों द्वारा तन मन धन से सहयोग किया गया ।मंदिर कमेटी के दीपक, संदीप, महेश आशीष अंकित और अन्य श्रेष्ठियों की उपस्थिति हुआ। समाज द्वारा सभी दातार परिवार का सम्मान कर दान की अनुमोदना की।20 नवंबर को दोपहर को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ का 6.3 km विहार होकर श्री भंवर लाल जाट के मकान पर ऊंचाखेड़ा आश्रम के सामने रात्रि विश्राम हुआ। 21 नवंबर प्रातः आचार्य श्री संघ की आहार चर्या 3 km विहार श्री चित्तर लाल मीना भेरूपिया के आवास पर होगी।

राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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