तीर्थरक्षक हुकम काका को दिया दर्शनोदय कमेटी थुबोनजी ने तीर्थ सेनानी सम्मानतीर्थो से आज सिर्फ सामाजिक संबंध रह गया है इसे कुटुम्बी संबंध बनाए –मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज

धर्म

तीर्थरक्षक हुकम काका को दिया दर्शनोदय कमेटी थुबोनजी ने तीर्थ सेनानी सम्मान तीर्थो से आज सिर्फ सामाजिक संबंध रह गया है इसे कुटुम्बी संबंध बनाए –मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज

अशोकनगर

आज धर्म से सामाजिक संबंध रह गया है सामाजिक संबंधो में आपको ज्यादा कुछ नहीं होता आप सामाजिक कार्यों में कोई जिम्मेदारी नहीं निभाते हर व्यक्ति कहता है तीर्थ हमारे हम जैन है ये हमारे गुरु है जब हमारे सामाजिक संबंध होगा तो आप कहेंगे क्या करें मन्दिर में पानी चु रहा है तीर्थ क्षेत्र पर अतिक्रमण हो रहा है एक तीर्थ क्षेत्र लूट रहा है एक तीर्थ क्षेत्र पर संकट आ रहा है तो हमे समाज की तरह नहीं कुटुम्ब की तरह मिलकर साथ देना चाहिए तब कहीं तीर्थ क्षेत्र सुरक्षित हो सकेंगे इस कलि काल में एकता में ही बल है और आचार्यो ने दो हजार साल पहले लिखा भी है कलऊ एकता बलाऊ इस कलि काल में एकता ही बल है वंदे भरत भारत्म इन सूत्रों को लेकर हम आगे चले उक्त आश्य केउद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए 

 

 

 

 

हुकम काका को तीर्थ सेनानी सम्मान से सम्मानित किया

    इस दौरान चन्द्रोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष हुकुम काका को तीर्थ सेनानी सम्मान से दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया संजीव श्रागर धर्मेन्द्र रोकड़िया संजीव जैन महामंत्री मनोज भैसरवास कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल दीप मंत्री शैलेन्द्र दददा राजेन्द्र हलवाई प्रदीप रानी जैन अनिल बंसल डॉ जितेन्द्र जैन प्रचार मंत्री विजय धुर्रा मिडिया प्रभारी अरविंद कचनार आडीटर अक्षय अमरोद समाज अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद सहित अन्य प्रमुख जनों ने सम्मानित करते हुए शाल श्री फल पीत वस्त्र पगड़ी मालाओं से स्वागत किया

 

 

जिसका जन्म हुआ है उसे जाना तो पड़ेगा ये बीमारी नहीं है

आचार्य श्री ने कहा कि मनुष्य पर्याय भी धोखा दे सकती है ये पर्याय भी मिटेगी इसलिए ये दुर्लभ मानव जन्म मिला है तो कुछ ऐसा करो कि ये जन्म मरण का चक्कर ही समाप्त हो जाये ये पर्याय भी तो मिटाना ही है जो उत्पन्न हुआ वह जायेगा जिस जिस का जन्म हुआ है तो वह एक दिन मरेगा मरण कोई बीमारी नहीं है ना कोई बीमारी से मरता ये तो आपकी पर्याय की पूर्णता का संकेत है इस बात को तो आप भी जानते हैं कि मृत्यु तो निश्चित है इसलिए भगवान पर्यायो को अपने ज्ञान का विषय बनाते ही नहीं हैं।

 

जहां आंख उठायें वह सब मेरे हो जाए ये सब चाहते हैं

महाराज श्री ने कहा कि जहां आंख उठायें सब मेरी जमीन हो जहां में देखूं सब कुछ मेरा हो ऐसा हो सकता है ऐसा भी हो सकता है आप मित्र बनना चाहते हैं संसार में जितने जीव है वे सारे मेरे मित्र हैं सारा संसार मेरा है सारे दुनिया से रिलेशनशिप बनाये सारा संसार मेरा दोस्त है सारा संसार अपना है सारा संसार मेरा कुटुम्ब है राग को गाड़ा करो जितना बड़ा सको बढ़ाओ अपने कुटुम्ब से परिवार से सबसे ज्यादा राग होता है जैसे अपने कुटुम्ब में दुख को देखकर आंख में आसू आ जाता है ऐसे ही संसार में किसी को भी दुःख आ जायें तो आपकी आंख में आसू आ जाए।

             संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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