तुम तीर्थ के दु:ख से दु:खी हो जाओ तो कुछ ज्यादा नहीं होगा तीर्थ तुम्हारे दुःख से दुःखी हो गया तो तुम्हारा संकट दूर होगा ही होगा– मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज श्री सुधा सागर प्रीमियर लीग का हुआ उद्घाटन 

धर्म

तुम तीर्थ के दु:ख से दु:खी हो जाओ तो कुछ ज्यादा नहीं होगा तीर्थ तुम्हारे दुःख से दुःखी हो गया तो तुम्हारा संकट दूर होगा ही होगा– मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज श्री सुधा सागर प्रीमियर लीग का हुआ उद्घाटन 

अशोकनगर 

 -अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूबोनजी में देशभर से चुनी हुई सोलह टीमों को श्री सुधा सागर प्रीमियर लीग प्रतियोगिता में आमंत्रित किया गया जहां इस लीग के पहले सुधा मय सभा मंडप में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की विभिन्न प्रस्तुतियां सर्वोदय विद्यासागर पाठशाला अशोक नगर व आचार्य श्री विद्यासागर शान्ति नगर की बेटियों द्वारा किया गया इसके साथ ही आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कमेटी अध्यक्ष अशोक जैन के साथ सभी क्षेत्रों के प्रमुख जनो द्धारा किया गया। 

 

 

 

अपने अंदर जूनून पैदा करो जिससे सफलता आपके कदमों में होगी

इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव राष्ट्रसंत श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि तुम तीर्थ के दुख से दुखी हो जाओ तो कुछ ज्यादा बडी बात नहीं है होता रहता है यदि तीर्थ तुम्हारे दुःख से दुःखी हो गया तो तुम्हारा संकट दूर होगा ही होगा ये तीर्थ क्षेत्र ऐसी ऊर्जा के केन्द्र है आप जितनी इच्छा करेंगे ये आपको देते रहेंगे इसके लिए आपको अपने अंदर जूनून पैदा करना होगा जिस चीज में जूनुन हो जायें तो बूढ़ा भी जवान हो जाता है मैं विश्वास दिला सकता हूं कि जूनून वाले व्यक्ति को सफलता मिलती ही है।

 

 

किसी भी तीर्थ पर संकट आयें तो सब साथ दे

जब तुम्हारे मन भाव आयें किसी तीर्थ क्षेत्र पर संकट आया तो आप कहेंगे वहां के लोग निपट लेंगे ऐसे में सब तीर्थ खत्म हो जायेगा अब दुसरे आपके दोस्त पर संकट आया तो थोड़ा फिलिंग हुए तो आप कुछ कर सकते हैं फोन करेंगे यदि रिश्तेदारी में किसी पर संकट आ गया तो ननिहाल में संकट आ गया तो आंख में आ जायेगा तो उसे दूर करने का प्रयास करते हैं यदि कुटुम्ब पर संकट आ गया तो तो ऐसा लगता है कि कैसे भी पहुंच जायें यदि घर पर कार्यक्रम आ जाए तो ऐसी मेहनत करोगे मैं खुद अपना ही कार्य कर रहा हूं।

 

 

 

 

रिलेशनशिप में संकट आ जाए तो रोटी भी मुश्किल से आप खाते हैं 

आप का धर्म से तीर्थ क्षेत्र से गुरु से कौन-सा संबंध है आपको टिक मार्क करना है आपको मंथन करना है यदि किसी तीर्थ क्षेत्र पर मेला होता है तो पहले सब जाते थे आज ये परम्परा समाप्त हो रही है इसको जीवित करना चाहिए इससे आपस मे भाई चारा बढ़ेगा।

 

     संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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