भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी स संघ का आज सांवतगढ में हुआ रात्रि विश्राम
नकल करो तो योगियों की करो भोगियों की नहीं आर्यिका विज्ञाश्री

जयपुर/
परम पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी का आज प्रातः 8:00 बजे बांसी ग्राम में मंगल प्रवेश हुआ जहां पर जैन समाज ने भव्य आगवानी कर पाद प्रक्षालन कर आरती करके आशीर्वाद प्राप्त किया जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि तत्पश्चात गुरु मां ने अपने मंगलमय प्रवचन में श्रद्धालुओं को कहा कि संतों का समागम होना कई जन्मों का पुण्य का फल है और प्रभु भजन उसमें मिल जाये तो सोना पे सुहागा हो जायेगा ,

संत समागम अपने जीवन में मिलना बहुत दुर्लभ है दुर्लभता से संतों का समागम मिल ही गया है तो अपना पुण्य कोष भरना ना भूले ,आज हम एक दूसरे से ईर्ष्या जलन करके पाप का कोष भर लेते हैं, सामने वाला 4 गाड़ियां खरीदी तो मैं भी खरीदूंगा ,2 महल बनाए तो मैं भी बनाऊंगा और स्वार्थी इंसानो को अगर असली स्वार्थी बनना हो और ईर्ष्या करना हो तो भगवतों और गुरुओं से करो जैसे भगवान हाथ पे हाथ रखकर शांत बैठे हैं और जैसे गुरु केशलोच कर अपने कर्तव्य पालन करते है। अतः नकल करो तो योगियों की करो भोगियों की नहीं।
गोधा ने बताया कि आर्यिका संघ का आज रात्रि विश्राम सावतगढ़ में हुआ।
राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान
