तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञासागर महाराज का सोनकच्छ में धर्म प्रभावना के बाद गंधर्वपुरी में हुआ मंगल आगमन पारिवारिक प्रेम एवम सामाजिक समरसता के बिना परिवार और समाज आगे नहीं बढ़ सकती। प्रज्ञासागर महाराज

धर्म

तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञासागर महाराज का सोनकच्छ में धर्म प्रभावना के बाद गंधर्वपुरी में हुआ मंगल आगमन पारिवारिक प्रेम एवम सामाजिक समरसता के बिना परिवार और समाज आगे नहीं बढ़ सकती। प्रज्ञासागर महाराज
गंधर्वपुरी

पारिवारिक प्रेम एवं सामाजिक समरसता के बिना परिवार और समाज आगे नहीं बढ़ सकती।हमें चाहिए कि हम परिवार में प्रेम खत्म न होने दें एवं समाज में समरसता बनाएं रखें।आज समाज और परिवार दोनों पतन के रास्ते पर है।ऐसे समय में मैं चाहता हूँ,हम प्रेम से रहना सीखें।घर में रोटी न हो चलेगा लेकिन प्रेम न हो ऐसा नहीं चलेगा।समाज में कोई ज्ञानी और दानी न हो चलेगा लेकिन वात्सल्य भाव न हो ऐसा नहीं चलेगा।

 

 

 

 

 

 

उक्त विचार तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञा सागर महाराज ने अमृत प्रवचन माला के चौथे एवं आखरी दिन उपस्थित जनसमूह के समक्ष व्यक्त किये।आज धर्म सभा में सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र वर्मा और देवास नगर निगम के सभापति श्री रवि जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।इन्होंने श्रीफल समर्पित करके आशीर्वाद प्राप्त किया।इनके अलावा माहेश्वरी समाज के श्री सत्यनारायण लाठी नेअपने विचार व्यक्त किये तो श्रीमती आकृति गंगवाल ने स्वरचित कविता सुनाकर चातुर्मास हेतु निवेदन किया।सभा के पूर्व समाज के बच्चों ने श्री सम्मेदशिखर जी बचाओ आंदोलन से सम्बंधित एक बहुत ही सुंदर प्रस्तुति प्रदान की।जिसने सबका मन मोह लिया।इनके अलावा कई लोगों ने बुराइयों के त्याग रूपी श्रीफल को चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और आचार्य श्री के प्रवचनों को जीवन मे उतारा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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