गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज का ऐतिहासिक अगवानी*मुनि श्री सम्भव सागर महाराज ने ससंघ ने कीर्ति स्तंभ से की मुनि संघ की मंगल आगवानी

धर्म

गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज का ऐतिहासिक अगवानी*मुनि श्री सम्भव सागर महाराज ने ससंघ ने कीर्ति स्तंभ से की मुनि संघ की मंगल आगवानी
विदिशा
शंकासमाधान प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने भोपाल से चातुर्मास कर पद विहार करते हुये रविवार को मध्यान्ह में शीतल धाम पहुंचे उनकी भव्य मंगल अगवानी विदिशा नगर में विराजमान निर्यापक श्रमण मुनि श्री सम्भवसागर महाराज ने अपने संघ सहित की मुनि श्री की मंगल अगवानी में समूचा विदिशा शहर के साथ राजधानी भोपाल इंदौर तथा गंजवासोदा राहतगढ़ ललितपुर, कोलकाता, जसपुर,आदि स्थानों से बड़ी संख्या में श्रावको ने अगवानी की और इस दिन को ऐतिहासिक दिन बना दिया।

 

 

 

राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया मुनिसंघ ने प्रातः पर्यटन स्थल सांची जैन मंदिर में प्रवेश किया एवं यंहा पर धर्मसभा संपन्न हुई
धर्मसभा में उन्होंने दान की महिमा का उल्लेख करते हुये कहा”दान दारिद्रता और दुर्गति का नाशक है,एक दरिद्र गृहस्थ व्यक्तीदान करता है तो उसके साथ आश्चर्य घटित होता है,तथा उसका दारिद्र पल भर में नष्ट हो जाता है” मुनि श्री ने ऐसे कही उदाहरण दिये जिसमें गरीबी की दशा में जिन्होंने दान दिया उनकी वर्तमान में आर्थिक स्थिति सुधर गई उन्होंने श्री सम्मेशिखर जी तीर्थ पर बनने वाले गुणायतन का उल्लेख करते हुये कहा कि 2009 में एक महिला जो कि खाना बनाती थी उसके भाव हुये कि में भी एक शिला दान करुं और उसने अपनी पांव की पायलें कमेटी को दी जब मेरे पास इसकी सूचना मिली तो उससे शिलादान कराई गयी एवं कमेटी द्वारा उसका सम्मान भी कराया गया।

प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया सांची से 2 बजे मुनिसंघ का मंगल विहार विदिशा के लिये हुआ इस अवसर पर विदिशा विधायक मुकेश टंडन मुनिसंघ के चरणों में पहुंचे एवं उन्होंने उनके साथ लंबा पद विहार कराया सांची में मुनी श्री का आशीर्वाद लेंने में विदिशा नगर जैन समाज के वयोवृद्ध नेता एवं समाज सेवी हृदयमोहन जैन,सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे एवं मंगल आशीर्वाद लिया।
मुनिसंघ की मंगल अगवानी व
सकल दि. जैन समाज,श्री शीतलविहार न्यास एवं विदिशा नगर की समस्त पाठशालाओं की शिक्षिकाओं एवं छात्र छात्राओं एवं महिला संगठनों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पलक पांवड़े विछाकर किया।

चारों तरफ एक ही आवाज आ रही थी हे स्वामी नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु इस अवसर पर श्री विद्यासागर नवयुवक मंडल एवं महिला मंडल का दिव्यघोष, मुनि संघ की इस भव्य मंगल अगवानी को और अधिक शोभायमान कर रहा था, इस अवसर पर मुनि सेवक संघ एवं गुरुवर सेवा समिति,जैन मिलन अरिहंत आदि के कार्यकर्ता शोभायात्रा की व्यवस्था संभाले हुये थे।

मुनि श्री सम्भवसागर महाराज ने कहा कि मुनि श्री क्षमासागर जी,मुनि श्री समतासागर जी एवं मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज का
विदिशा से बहुत पुराना नाता रहा है सन्1992,1995,1997 तथा 2002 में लगातार मुनिसंघ ने अपना कींमती समय दिया एवं जबरदस्त धर्म प्रभावना की, उसी का प्रभाव है कि मुनि श्री से विदिशा को विदिशा को मुनि श्री से असीम लगाव है इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि आचार्य गुरुदेव की आज्ञा से 1992 का नौ माह का प्रवास रहा और उस समय हमने बहुत खोजबीन की और जैन धर्म के दसवे तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ स्वामी के चार कल्याणक घोषित किये प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया
एवं सांयकाल शीतलधाम में विश्वप्रसिद्ध शंकासमाधान का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें विदिशा नगर से बड़ी संख्या में जैन एवं जैनेतर समाज उपस्थित थी सोमवार को मुनिसंघ का प्रवचन 8:30 बजे एवं दौनों संघों की आहार चर्या 10 बजे से शीतलधाम में होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *