*दर्शनोदय तीर्थ थुबोनजी कमेटी ने मुनिश्री को थुबोनजी आगमन हेतु किया निवेदन व श्री फल भेंट*
*मंत्र तंत्र दिये नहीं जाते साधे जातें हैं–मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज
अशोक नगर —
मंत्र तंत्र दिये नहीं जाते साधे जातें हैं। मंत्र तंत्र आज भी है,कल भी थे। और रहेंगे। लेकिन कोई कहें कि यूं यूं किया और मंत्र तंत्र आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आप अपने श्रद्धान को मजबूत रखें। आपका श्रद्धान कमज़ोर होने के कारण आपको डर लगने लगता।श्रद्धा दृढ़ रखें मंत्रों की साधना आज भी साधक करते हैं। ये सब स्वयं के लिए कार्यकारी होते हैं। ऐसी बात नहीं है तंत्र विद्या भी तंत्र विद्या का उपयोग हर समय कोई नहीं कर सकता।आज प्रातः तंत्र विद्या को सही जानने वाले नगण्य है। फिर आपकी पहचान तो डायरेक्ट भगवान से है तो इन चक्करों में क्यों पढ़ना।
बेटा चाहें कि अगले जन्म में मुझे ये ही मां मिलें तो वो भावना कर सकता है। लेकिन मां कहें कि अगले जन्म में मुझे ऐसा ही बेटा मिलें ये सब अंनतो बार मिला है। ऐसे भाव क्यों करें? बेटा ऐसे भाव करें तो करें।क्योंकि वह मां के उपकार स्नेह और मां ने उसके लिए किया। इस कारण भाव आता है। यहउद्बोधन मुनि पुगंव श्री सुधासागर जी महाराज ने ललितपुर में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए
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थूबोनजी पधारने का कमेटी ने किया निवेदन*
दर्शनोदय तीर्थ थूबीनजी कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने ललितपुर से लौटकर बताया कि क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल महामंत्री विपिन सिंघई के नेतृत्व में दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी कमेटी ने मुनिश्री के श्री चरणों में श्री फल भेंट कर थूबोनजी पधारने का निवेदन किया।

प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि गुरुदेव चातुर्मास पुर्ण हो गया है। थुबोनजी की दूरी मात्र साठ किलोमीटर है।कमेटी वर्षों से श्री चरणों में पहुंच रही है।आचार्य श्री का आशीर्वाद भी दो बार चातुर्मास के लिए अलग से मिल गया। परन्तु दूरी हमारे बीच बाधक बन गई। अब हमें सेवा का मौका मिले। यही आशा हम सब मन में संजोए हैं।
कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, महामंत्री विपिन सिघई ने अन्य विषयों की जानकारी दी। इस दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष राकेश अमरोद मंत्री विनोद मोदी राजेन्द्र हलवाई प्रचार मंत्री विजय धुर्रा आडीटर राजीव चन्देरी परम संरक्षण विवेक अमरोद अक्षय जैन सी ए संरक्षण डब्बू जैन भाजपा उपाध्यक्ष अंकित पायल घर रवि पांड्या रिषभ सोगानी सुधीर आयरन अभय बाझल सिद्धांथ सोगानी दिलिप वेलई वकील संजीव जैन शान्तिनगर आकाश जैन सहित अन्य भक्तों ने श्री फल कर निवेदन किया ।
*विज्ञान के साइड इफेक्ट्स की ओर ध्यान देना होगा*
मुनिश्री ने कहा कि विज्ञान की उन्नति को सब जानते हैं लाभ भी दिख रहा है। लेकिन जो कार्य विज्ञान कर रहा है उसके साइड इफेक्ट्स कितने हैं। किसी को पता ही नहीं है चिकित्सा क्षेत्र को ले तो आयुर्वेदिक का असर धीमें होता है। आज सब को तुरंत परिणाम चाहिए। आयुर्वेदिक विश्वास पैदा नहीं कर पा रहा है।आज के युग के साथ दौड़ना पड़ेगा। हर साल दस पांच मेडिकल कॉलेज खुलते है। उनमें आयुर्वेदिक नहीं होता। सरकार का यदि संरक्षण मिलें तो ये आगे बढ़ सकती हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
