पटाखों से नहीं दीपक से फैलाए प्रकाश प्रज्ञासगर महाराज 

धर्म

पटाखों से नहीं दीपक से फैलाए प्रकाश प्रज्ञासगर महाराज 

   कोटा 

रविवार की बेला में आचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रत्येक जैन को जीवन में मंगल भावनाओं का समावेश करना चाहिए।

 

 

 

 

दर्पण ज्ञान का प्रतीक है जैसे दर्पण में रूप स्पष्ट दिखाई देता है वैसे ही केवलज्ञान में चराचर पदार्थों की स्पष्ट दृष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने वर्षा सीलन के मौसम में दीप प्रज्वलन को प्रकाश सकारात्मकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीप क जलाने से वातावरण में ऊर्जा शुद्धता का संचार होता है। 

 

 

पटाखे फोड़ने पर हो रही जीव हिंसा पर चिंता व्यक्त की।  

    आचार्य श्री ने पटाखे फोड़ने पर हो रही जीव हिंसा पर कड़ी चिंता व्यक्त की और कहा कि जैन धर्म के अनुसार हिंसा से बचना ही सच्ची धार्मिकता है।

 

 

 

 

       आचार्य श्री ने जैनदर्शन में दीपावली का महत्व बताया उन्होंने कहा दीपावली आलोक का पर्व है is दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने मोक्ष प्राप्त किया था। इसी दिन गौतम स्वामी को केवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसी उपलक्ष्य में जैन धर्मालंबी दीपावली के दिन प्रात काल में निर्वाण लाडू चढ़ाकर निर्वाण महोत्सव मनाते हैं। 

 

     संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *