भगवान मुनिसुव्रतनाथ का नवम् भूगर्भ प्राकट्य त्रि दिवसीय महोत्सव का दूसरा दिन – जवाहर नगर जैन मंदिर में हुआ पार्श्वनाथ पूजा विधान
जयपुर –
भारत गौरव स्वस्तिधाम प्रणेता गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में
जवाहर नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सैक्टर 7 में भगवान मुनिसुव्रतनाथ के नवम् भूगर्भ प्राकट्य त्रि दिवसीय महोत्सव के दौरान रविवार को पार्श्वनाथ पूजा विधान का संगीतमय आयोजन किया गया। प्रातः अभिषेक, शांतिधारा के बाद माताजी के मंगल प्रवचन हुए ।

प्रवचन में माताजी ने तीर्थ क्षेत्र की यात्रा का महत्व बताते हुए जहाजपुर में भगवान मुनिसुव्रतनाथ के हुए अतिशयों पर प्रकाश डाला।

दीप प्रज्जवलन प्रशासनिक अधिकारी टीकम चन्द बोहरा ने किया। इस मौके पर विवेक काला, रमेश ठोलिया, कमल बाबू जैन, प्रदीप जैन, विनोद जैन ‘कोटखावदा’, भारत भूषण अजमेरा, दीपक बिलाला सहित कई समाज श्रेष्ठी शामिल हुए ।अध्यक्ष महेन्द्र बख्शी एवं मंत्री अजय गोधा ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अनुष्ठानाचार्य कपिल भैय्या इन्दौर एवं अजय गोधा ने किया।
दोपहर 2.00 बजे से माताजी ससंघ के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ पूजा विधान का संगीतमय आयोजन किया गया ।

जयकारों के बीच इंद्र, इन्द्राणियो ने अष्ट द्रव्य के अर्घ्य चढाये। अनुष्ठानाचार्य कपिल भैय्या इन्दौर ने मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य चढवाये।सायंकाल आनन्द यात्रा के बाद माता पदमा के सोलह स्वप्न एवं भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जन्म दर्शाया गया। प्रवास समिति के शिरोमणि संरक्षक रमेश ठोलिया व महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के अनुसार सोमवार 25 अप्रैल को प्रातः अभिषेक, शांतिधारा के बाद धर्म सभा का आयोजन किया जावेगा। जिसमें भगवान मुनिसुव्रतनाथ की भक्तो द्वारा यशोगाथा के बाद माताजी के मंगल प्रवचन होगें।सायकांल गुरु भक्ति, आनन्द यात्रा एवं महाआरती के आयोजन किये जायेंगे ।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
