विश्व इतिहास में प्रथम बार एक साथ दो विश्व कीर्तिमान स्थापित मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज के नाम

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विश्व इतिहास में प्रथम बार एक साथ दो विश्व कीर्तिमान स्थापित मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज के नाम
पावापुरी

-प.पू. भारत गौरव राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री .108 विरागसागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य प.पू. झारखण्ड राजकीय अतिथि सराक केसरी,जिन श्रुतमनीषी संप्रति समंतभद्र श्रमण श्री विशल्यसागर जी मुनिराज के द्वारा लिखित डॉ. नीलम जैन द्वारा संपादित कृति मौक्तिकम्

 

 

 

को भगवान महावीर स्वामी की प्रथम साधना स्थली पावापुरी में श्री 1008 पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के पावन अवसर पर

     

golden book of world records एवं world Greatest record ब्रा.ब्र. अलका दीदी एवं भारती दीदी की प्रेरणा एवं अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉॅ अजित शास्त्री गुरुजी रायपुर सहयोगी पं. शशिकान्त शास्त्री के प्रयास से एक नया इतिहास रचा ।

 

जिसको golden world records Asia के प्रमुख डॉक्टर मनीष विश्नोई i ने स्वयं गुरुदेव के चरणों में आकर गुरुवर के कर कमलों में ससम्मान भेंट किया।

 

इस अवसर पर कोडरमा जैन समाज के मंत्री जैन ललित सेठी,सुरेन्द काला उपस्थित थे।कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा मोजूद रहे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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