शाकाहार प्रचार प्रसार मे अग्रणीय डॉक्टर कल्याण गंगवाल पुणे को वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज सानिध्य मे भारत शांति समृद्धि रत्न से किया गया अलंकृत आचार्य श्री ने गंगवाल के कार्यो की सराहना
टोंक शाकाहार प्रचार प्रसार मे अपनी बहुमुखी निभाने वाले डॉक्टर कल्याण गंगवाल पुणे को वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज सानिध्य मे आयोजित हुए दो दिवसीय आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी महोत्सव के अवसर पर भारत शांति समृद्धि रत्न से किया गया अलंकृत आचार्य श्री ने दो दिवसीय आयोजन के प्रत्येक सत्र मे डॉक्टर गंगवाल की सराहना करते हुए कहा की डॉक्टर साहब 81 वर्ष की उम्र मे भी शाकाहार का व्यापक प्रचार प्रसार एवम कार्य कर रहे है 14 घंटे दिन रात जीवदया शाकाहार के लिए कार्य कर रहे है।
पुरस्कार प्रदान करने का उद्देश्य
समस्त साधु संतों ने यह बात दोहराई कि पिछले 55 सालों में डॉक्टर कल्याण गंगवाल ने भारत में एवं भारत के बाहर जाकर जैन धर्म का संदेश शांति समृद्धि अहिंसा जीव दया का प्रचार प्रसार किया है एवं भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया है। उनके इस अनुकरणीय कार्य के लिए उन्हें भारत शांति समृद्धि रत्न से सुशोभित किया जा रहा है।

इस आयोजन की शुरुआत आचार्य श्री शांतिसागर महाराज के चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन से हुयी जो धर्म परायण व्यक्तित्व श्रीमति सुशीला पाटनी आर के मार्बल ग्रुप एवम डॉक्टर कल्याण गंगवाल द्वारा किया गया
इस अवसर पर डॉक्टर गंगवाल द्वारा शाकाहार पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन हुआ जो अखिल भारतीय तीर्थ रक्षा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरविंद दोषी के कर कमलों से हुआ। इन मांगलिक पलो में पूज्य मुनि श्री 108 हितेंद्र सागर महाराज एवम समस्त संघ की गौरवमई उपस्थिति रही। 




दो दिन के कार्यक्रम मे गंगवाल ने आचार्य श्री 108 शांतिसागर महाराज पर अपना उदबोधन दिया एवम उन्होने इस पर आधारित कही संस्मरण भी सुनाए।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
