आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सिद्ध हस्त कर कमलों से 2 अक्टूबर 2025 को अतिशय क्षेत्र टोंक में होगी जैनेश्वरी दीक्षाएक अक्टूबर को होगा मंडल विधान पूजन

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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सिद्ध हस्त कर कमलों से 2 अक्टूबर 2025 को अतिशय क्षेत्र टोंक में होगी जैनेश्वरी दीक्षा एक अक्टूबर को होगा मंडल विधान पूजन

टोंक अतिशय क्षेत्र टोंक में जब से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित विराजित है प्रतिदिन अनेकों धार्मिक महोत्सव चल रहे हैं जिससे सभी लाभांवित हो रहे हैं इसी क्रम में टोंक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी अपने सिद्धहस्त करकमलो से दूसरी बार टोंक नगर में दीक्षा देंगे।अहमदाबाद जिले के कलोल नगर के श्री अवनीश भाई 69 वर्ष ने टोंक नगर में विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को दीक्षा हेतु श्रीफल अर्पित कर निवेदन किया।इनकी पत्नी श्रीमती नैना से अनुसार श्रीमती प्रभावती श्री रतिलाल वखरिया के यहां 14 अप्रैल सन 1956 को जन्मे पत्नी और 3 पुत्रियों के भरे पूरे परिवार के अवनीशभाई की दीक्षा टोंक नगर में 2 अक्टूबर 2025 को श्री आदिनाथ जिनालय नसिया परिसर में होगी।राजेश पंचोलिया अनुसार एक अक्टूबर को दीक्षार्थी श्रीजी के पंचामृत अभिषेक करेंगे आचार्य संघ की आहारचर्या के बाद दीक्षार्थी कर पात्र में भोजन करेंगे दोपहर को दीक्षार्थी द्वारा गणधर वलय विधान की पूजन संघ सानिध्य में होगी। दोपहर को परिजनों समाज द्वारा मेंहदी हल्दी लगाई जाकर रात्रि को श्रीफल सूखे मेवे फल मिश्री आदि से छोल गोद भरकर दीक्षा भाव की अनुमोदना की जावेगी । दो अक्टूबर की श्री जी के अभिषेक के बाद दीक्षार्थी के केशलोच होकर आचार्य श्री द्वारा दीक्षा संस्कार विधि पूर्ण कर दीक्षा के बाद नया नाम दिया जाएगा उल्लेखनीय हे कि आपके साले सा समाधिस्थ मुनि श्री पदमकीर्ति सागर ओर उनकी पत्नी ने भी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से ही दीक्षा लेकर आर्यिका श्री प्रेक्षामति होकर संघस्थ है

बीमार को देखने आचार्य श्री गए आशीर्वाद दिया

अभी तक यह कहावत सुनी थी की प्यासा प्यास बुझाने के लिए कुएं के पास जाता है, किंतु कभी-कभी कुछ उदाहरण ऐसे होते हैं जो हृदय को द्रवित कर देते हैं, मन आस्था से गुरु के वात्सल्य से भर जाता है ,कुछ ऐसा ही हुआ जब कुआं रूपी गुरुदेव भक्त रूपी प्यासे के पास चलकर गए । ऐसे ही एक प्रशंसनीय प्रेरक धर्म प्रभावना की घटना टोंक नगर में हुई जहां पर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज अपने संयम काल का 57 वा वर्षायोग कर रहे हैं।टोंक नगर के श्री भागचंद जी फूलेता की रिश्तेदार एवं जिला पंचायत प्रमुख श्रीमती सरोज बंसल की सासू माँ 98 वर्षीय श्रीमती गुलाब देवी पति स्वगीय सूरज मल गंभीर बीमार होकर ऑक्सीजन चल रही हैं । परिजनों ने नसिया में विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बीमार माता को संबोधन देने ओर परिग्रह त्याग दिलाने हेतु निवेदन किया। अमित छमुनिया अनुसार परिवार को सुखद अनुभूति हुई आचार्य श्री मुनि श्री हितेंद्र सागर जी को साथ लेकर आदर्श नगर स्थित निवास पर संबोधन हेतु गए अनेक महीनों से अस्वस्थ माता विनय भाव से उठकर बैठ गई सभी आचार्य श्री का चमत्कार सजल नेत्रों से देख रहे थे। उन्होंने नमोस्तु कहा ओर णमोकार मंत्र बोलकर भी सुनाया। इस अवसर पर सीमित संख्या में खाद्य सामग्री बिस्तर सीमित कपड़े दवाई आदि के अतिरिक्त अन्य परिग्रह का स्वेच्छा परिजनों की स्वीकृति से त्याग किया। राजेश पंचोलिया अनुसार श्रीमती सरोज बंसल श्याम जी ,बड़े पुत्र पारस जी लालचंद जी नरेश जी सह प्रभारी भाजपा जयपुर शहर तथा मुकेश जी पुत्रों सहित परिजन एवं समाज के अनेक भक्त इस अवसर पर उपस्थित रहे। शास्त्रों में अनेक उदाहरण हैं कि किसी भी गति के भव्य जीव को जब योग्य गुरु आचार्य परमेष्ठि का संबोधन मिलता है तो उस समय बीमार के भाव एवं परिणाम में विशुद्धि आ जाती हैं राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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