वृहद क्षमावाणी महापर्व मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में मनाया गया क्षमावाणी के संदेश को सार्वभौमिक मनाना है मुनि श्री प्रमाण सागर
अवधपुरी (भोपाल)
वृहद क्षमावाणी महापर्व के पावन अवसर पर आज प्रातःकाल विद्याप्रमाण गुरुकुलम् में आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला मुनिसंघ के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया राजधानी भोपाल में चातुर्मास कर रहे साधु एवं साध्वियों के एक साथ दर्शन करने तथा संतों का मिलन देखकर सभी उपस्थित श्रद्धालु आत्मविभोर हो गये। इस अवसर पर गुणायतन एवं भावना योग के प्रणेता मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने आंतरिक,व्यवहारिक,आध्यात्मिक, और औपचारिक क्षमा पर उदबोधन पर अपने विचार प्रकट करते हुये कहा कि यदि परिवार की जिठानी दौरानी सास बहू या भाई भाई ने कुछ बोल दिया तो उसे चुपचाप पचा लो तथा नजर अंदाज करो यह आपकी आंतरिक क्षमा है,दूसरी ओर किसी ने यदि किसी ने गलत किया है,और उसे अपनी गलती का अहसास है,तो उसे क्षमा करने में कोई संकोच नहीं होंना चाहिये यह आपकी व्यवहारिक क्षमा है इससे न तो वैर होगा न वैमनस्यता पनपेगी ।
मुनि श्री ने आध्यात्मिकता की चोट करते हुये कहा कि क्षमावाणी का संदेश को सार्वभौमिक बनाना है,तो मन के विकार को निकालना आवश्यक है,अपने अपने मित्रों से क्षमा मांग ली और हो गई क्षमावाणी यह तो औपचारिक क्षमा है जो कि सिर्फ रस्म अदायगी है,असली क्षमावाणी तो तब है जिससे तुम्हारी खटपट चल रही है वैर विरोध है उसके घर जाकर क्षमा मांगो तो वह आपकी असली क्षमावाणी कहलाएगी उन्होंने आध्यात्मिक पहलू पर चर्चा करते हुये कहा कि अपने आपसे पूछो मै कौन हुं ?मेरा क्या हैं? जब यह चिंतन आप अपने आपसे करोगे तो सब कुछ छूट जाएगा कोई आप पर उत्सर्ग करे तो आप उसे क्षमा करके उत्सर्ग कर दो भगवान पारसनाथ के ऊपर कमठ के जीव ने दस भव तक उपसर्ग किया पारसनाथ ने समता धारण कर उसे उत्सर्ग में बदल दिया उन्होंने संदेश दिया कि अपने व्रतों के प्रति अडिग रहो यह होती है आध्यात्मिक क्षमा।

मुनि श्री ने कहा आप लोग तो जरा जरा सी बात पर तुनक जाते हो उसने मेरी छवि खराब कर दी तुम्हारी छवि है क्या? यह मन का अहंकार है इससे अपने आपको बाहर निकलो तभी तुम असली क्षमावाणी पर्व मना पाओगे मुनि श्री ने कहा कि सार्वजनिक रुप से क्षमावाणी पर्व इसलिये मनाया जाता है कि बच्चे बच्चे जैन धर्म के असली स्वरुप और उसके महत्व को समझें क्षमावाणी के इस संदेश को सार्वभौमिक बनाकर लोगों तक पहुंचाऐं उन्होंने भोपाल की सभी मंदिर कमेटियों पंचायत कमेटियों से कहा कि यह तय कर लो कि साल में यह त्योहार तो मिलजुलकर अपने सभी मतभेदों को भुलाकर एक रुपता के साथ मनाएगे। 
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इस अवसर पर उपाध्याय मुनि श्री विशोक सागर जी महाराज ससंघ विराजमान थे उन्होंने कहा कि साधु तो प्रतिदिन तीन बार प्रतिक्रमण कर सभी जीवों से क्षमायाचना कर लेते है”
इस अवसर पर मुनि श्री विनंदसागर महाराज ससंघ विराजमान थे उन्होंने कहा कि “सबसे पहले अपनी आत्मा से क्षमा मांगो” इस अवसर पर मंचासीन गणिनी आर्यिका 105विज्ञाश्री माताजी एवं गणिनी आर्यिका 105सृष्टिभूषण माताजी ससंघ विराजमान थी उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने गुरुकुल खोलकर जो कार्य किया वह बहुत ही प्रमाणित है, सभी की वाणी में क्षमाभाव आना चाहिये। 


प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया प्रातःकाल विद्याप्रमाण गुरुकुलम् के छात्र अपने गणवेश में, गाजे-बाजे के साथ संतों की अगवानी करने पहुंचे सभी संतों ने एक दूसरे को नमोस्तु करते हुये अभिवादन किया एवं आर्यिका संघ ने मुनिचरणों में बैठकर नमोस्तु निवेदित किया विद्याप्रमाण गुरुकुलम् के पूरे परिसर में श्रद्धा, समर्पण और आत्मिक ऊर्जा की सुंदर झलक देखने को मिल रही थी इस अवसर पर मुनि श्री संधान सागर महाराज सहित समस्त मुनिगण एवं क्षुल्लक जी मंचासीन थे। कार्यक्रम का शुभारंभ भावनायोग का प्रसिद्ध गीत “मंगल मंगल होय जगत में,सबका मंगल होय” कर हुआ तत् पश्चात दि.जैन पंचायत कमेटी भोपाल के पदाधिकारी, विद्याप्रमाण गुरुकुलम् तथा चातुर्मास चक्रवर्ती,तथा सभी नवरत्न एवं श्री विद्यासागर प्रबंधकीय संस्थान के पदाधिकारियों ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीपप्रज्वलन किया इस अवसर पर भोपाल हुजूर के विधायक रामेश्वर शर्मा एवं नगर निगम की महापौर श्रीमति मालती राय नै अपने संबोधन में मंचासीन मुनिराजों एवं आर्यिका संघ से तथा भोपाल की जैन समाज से क्षमायाचना की और कहा कि जिस दिन सारे भारत में गुरुकुल हो जाएगे तो नित्य महावीर के दर्शन मिलेंगे इस अवसर पर
भोपाल नगर के 82 जिनालयों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने मुनि संघ के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया कार्यक्रम का संचालन अभय भैया आदित्य ने किया।

इस अवसर पर गुरुकुलम् के महामंत्री अनुभव सराफ ने गुरुकुलम् की योजनाओं को क्रियान्वयन करने तथा क्षमावाणी पर्व पर पधारने के लिये सभी का आभार व्यक्त किया। पंचायत कमेटी के अध्यक्ष मनोज बांगा ने भोपाल जैन समाज सहित मंचासीन मुनिराजों एवं आर्यिका संघ से क्षमा याचना की कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भोपाल जैन समाज तथा मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरो से आए हुये श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

