क्षमा उनसे मांगो जिनसे तुम्हारी शत्रुता है – मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज
भोपाल
32 उपवास करने वाले अजमेर (राजस्थान )से आये 65 वर्षीय कैलाश चंद्र जैन सहित,सोलह,दस,आठ,सात,छै,पांच तथा तीन उपवास करने वाले सभी उपासिओं का सम्मान किया गया। यह जानकारी मुनिसंघ के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने दी*
इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने सभी शिवारार्थियो को सम्वोधित करते हुए कहा कि बाहरी तप के साथ जब अंतरंग के परिणामों में निर्मलता आती है,तभी तप की सार्थक्ता होती है,आज का दिन आत्मसमीक्षा का दिन है,हमारी जिन जिन से वैमनस्यता और कटुता हुई है,सबसे पहले उनसे क्षमा मांगना चाहिये तभी आपका उपवास और दस दिवसीय धर्म आराधना सार्थक होगी” मुनि श्री ने कहा कि अकेले”क्षमावाणी” के मेंसेज भेजने से कार्य नहीं होगा उसे अपने अंतरंग में उतारो।

उन्होंने कहा कि “मित्रो से क्षमा तो सब मांग लेते है,क्षमा तो उनसे मांगना चाहिये जिनसे तुम्हारी शत्रुता है” और यह शत्रुता और कटुता मिटाने का भाव तुम्हारे अंदर से जगना चाहिये तभी आपके परिणामों निर्मलता आएगी औरजीवन का उत्थान होगा “भाव शुद्धी के अभाव में जीवन का उत्थान असंभव है” भाव सुधरेगा तभी भव सुधरेगा, यदि इन दस दिनों में आपके परिणामों में अंतर नहीं आया तोआपने धर्म की आराधना नहीं की,मात्र ऊपरी क्रिया को किया है,”मनुष्य जीवन की सार्थकता तभी है जब आपके जीवन में अहिंसा,संयम, और तप आये तथा अपने आपको हिंसा से दूर रख कर भावों में शुद्धी और प्रवत्ती पर नियंत्रण हो,


मुनि श्री ने कहा कि यंहा पर 32 उपवास करने वालों को देखो इन्होंने बाहरी तप भी किया और अंतरंग तप भी किया,बाहरी तप के साथ जब अंतरंग में परिणामों की निर्मलता आती है तभी तप की सार्थकता होती है, कुछ लोगों ने सोलह उपवास किये, तो कुछ युवा कार्यकर्ताओं ने दस उपवास भी किये और अपना कार्य भी किया यह उनका बहूत बड़ा पुरुषार्थ है,जो युवा दो घंटे भी भूखे नहीं रह सकते उन युवाओं के द्वारा दस दिन तक निर्जल रहना कोई साधारण पुरुषार्थ नहीं है,यह इस बात का प्रमाण है कि तुम जो चाहो सो कर सकते हो,इन्होंने अपनी शक्ती का सही संयोजन किया है, लेकिन यह संयोजन तभी सार्थक कहलाएगा जब इनके भाव शुद्धी तथा परिणामों में निर्मलता आएगी

उन्होंने सभी तपस्वियों को आशीर्वाद देते हुये कहा कि इन दस दिनों की तपस्या को अपने जीवन में परिवर्तन लाकर अपने जीवन की स्थाई सम्पत्ति बनाइये।
प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया सभी शिवारार्थियो का कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा तिलक श्रीफल एवं आदि ग्रंथ देकर सम्मानित किया गया तत्पश्चात सभी की पारणा संपन्न हुई। सोमवार को मुनि श्री मौन के साथ उपवास रहेगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


