नागपुर के श्री अमरचंद सिंघवी दूसरी बार कर रहे हैं 32 उपवास की साधना

धर्म

नागपुर के श्री अमरचंद सिंघवी दूसरी बार कर रहे हैं 32 उपवास की साधना
नागपुर
एक ऐसी साधना जो उम्र की मोहताज नहीं बस निष्प्रहता निर्मोहीता इंद्रिय विषयों पर नियंत्रण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 

 

जी हम बात कर रहे हैं 95 वर्षीय श्री अमरचंद सिंघवी की जो अपने जीवन के दूसरे वर्ष में 32 उपवास की साधना कर रहे है। ऐसी उम्र जब दिखना सुनना बोलना कम होता है इंद्रिय विषयों पर नियंत्रण कम होता है लेकिन धर्म के प्रति आस्था श्रद्धा और इंद्रिय विषयों से आसक्ति का अभाव ऐसा कुछ करा देता है जो तपस्या के फल स्वरुप शरीर को तप कर कंचन बना देता है। निश्चित रूप से यह समाज के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि मन में दृढ़ता हो कंट्रोल हो इंद्रिय विषयों पर नियंत्रण तो क्या नहीं की जा सकता उम्र कोई मायने नहीं रखती है बस आसक्ति से विरक्ति का मार्ग अपनाना होगा।

 

धर्म और तपस्या के मार्ग पर चलते हुए नागपुर अंजनी के 95 वर्षीय श्री अमरचंद जैन सिंघवी 32 उपवास की साधना कर रहे है यह दूसरा अवसर है जब वह यह उत्कृष्ट साधना और उत्कृष्ट तप कर रहे हो।

 

 

 

 

 

मोक्षमार्ग की साधना उत्कृष्ट तपस्या होती है। इस उत्कृष्ट तपस्या की अनुमोदना करने पुलक मंच परिवार, महाल शाखा के सभी सदस्य तपस्वी दादाजी श्री अमरचंद के अजनी के निवास पर पहुंचकर भजनों एवम भक्ति करते हुए उनकी तपस्या की अनुमोदना की एवम तपस्वी दादाजी का दादाजी का सम्मान किया उनकी तपस्या निर्विघ्न पूर्ण हो ऐसी मंगल कामना की।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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