तीन शब्दों से जीवन संवर सकता है और बिगड़ सकता है विश्वास अति विश्वास और आत्मविश्वास प्रसन्न सागर महाराज 

धर्म

तीन शब्दों से जीवन संवर सकता है और बिगड़ सकता है विश्वास अति विश्वास और आत्मविश्वास प्रसन्न सागर महाराज 

   तरुणसागरम तीर्थ

अन्तर्मना आचार्य श्री108 प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय 10 पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने बताया कि तीन शब्दों से जीवन संवर सकता है और बिगड़ सकता है.. “विश्वास – अति विश्वास – आत्म विश्वास”विश्वास सब पर करो, अति विश्वास किसी पर नहीं और आत्म विश्वास स्वयं पर..! 

 

 

           उन्होंने कहा कभी हम खुद पर भरोसा नहीं कर पाते तो कभी दूसरों पर। भरोसे की यह कमी हमारे जीवन को मुश्किल बनाने में सफल हो जाती है। रोजमर्रा की ज़िन्दगी में ऐसे कई मौके आते हैं, जब हमें भरोसा बनाए रखने की जरूरत होती है। लेकिन – चाहतों की उलझाऊ गणित में हम चूक जाते हैं, अटक और भटक जाते हैं।

 

 

          आचार्य श्री ने कहा रिश्ते,व्यापार और जुबान पर अडिग और ईमानदार रहें। इनसे विमुख होते ही हम बरसों के विश्वास को, एक पल में अविश्वास में तब्दील कर लेते हैं। विश्वास पात्र बनने में वक्त लगता है लेकिन टूटने में नहीं। विश्वास करने से ही विश्वास बढ़ता है। समय-समय पर खुद, दूसरों पर भरोसा करने के लिये तैयार रहें, पर अति विश्वास के लिये नहीं।

 

        उन्होंने कहा हम देख रहे हैं आज के आदमी का मन – जहाँ जिसने जैसी सलाह दी, वहाँ वैसी सलाह को मान लेते हैं। इसी कारण हम अनेक समस्याओं के शिकारी बन जाते हैं और आगे बढ़ने के ग्रोथ में अटक जाते हैं। विकल्पों का होना अच्छी बात है लेकिन जो विकल्प हमारी नींद उड़ाये, मन को भटकाये, दिशा विहीन मार्ग दिखाये, लक्ष्य तक ना पहुंचाये,, वैसे विकल्प त्याज्य है, हेय है, छोड़ने योग्य है।

 

क्योंकि हमने अनुभव किया है कि विकल्पों से बदलाव आता है परन्तु नये तरीकों पर हाथ पैर मारने की बजाय, हमें अपना ध्यान लक्ष्य के करीब ले जाने वाली चीजों पर ही रखना चाहिए। एक संकल्प से हजारों विकल्पों का समाधान हो जाता है। इसलिए संकल्प के पथ से, समर्पण के द्वार से, हम अपने लक्ष्य को पायें और मुस्कुरायें और हम खुद को गैर ज़रूरी विकल्पों की ओर भागने से रोकें। अपना फोकस लक्ष्य पर करें और हिम्मत से आगे बढ़ें…!!!  

 

  नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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