श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिया मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का आशीष मैं कोशिश करता हूं हर पल कर्म से जैन समाज का नागरिक कहलाऊ 

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श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिया मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का आशीष मैं कोशिश करता हूं हर पल कर्म से जैन समाज का नागरिक कहलाऊ 

   अशोकनगर

परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधासगर महाराज के दर्शन हेतु केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया पधारे उनका क्षेत्र कमेटी द्वारा अभिनंदन स्वागत किया गया।

 

जब वे महाराज के दर्शन करने पहुंचे तो उन्होंने उच्च स्थान पर बैठने की बजाय गुरु चरणों के नीचे बैठने का निर्णय लिया जो उनकी विनय संपन्नता को दर्शा रहा था। इस अवसर पर एक शंका का समाधान करते हुए महाराज श्री ने कहा कि राजा का जन्म राजगद्दी पाने के लिए नहीं होता है। राजा का जन्म प्रजा की सेवा लिए होता है। महाराज श्री ज्योति बाबू शब्द कहकर उनकी विनम्रता तारीफ की।

 

 

 

 

      इस अवसर पर श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं जन्म से जैन नहीं हूं लेकिन मैं अपने कर्मों से प्रति क्षण ये प्रयास करता हूं कि मैं जैन समाज का नागरिक कहलाने का इसके विषय में उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक कारण है कि आप लोगों के साथ भगवान का आशीर्वाद है।

 

 

 गुरु महिमा बताते हुए कहा कि आप कितने भी बड़े हो जाओ कितने भी उच्च पद पर चले जाओ लेकिन इनके समान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा विश्व में आज परिवर्तन हो रहा है दिन प्रतिदिन बहुत कटुता फैल रही है। पहला विश्व युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दो गुट बने क और ख आज देखने में आ रहा है संपूर्ण विश्व में जंग और लड़ाई देखी जा रही है। यह जंग लड़ाई बंदूक तोपों प्लेनों से नहीं हो रही। इस परिपेक्ष में जैन समाज की सोच को 800 करोड लोग अपना ले तो संपूर्ण विश्व में उत्थान हो जाएगा। जैन समाज की जीवन शैली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा जाने अनजाने में किसी और की हानि न हो। हमारी प्रगति हो और हमारी प्रगति के साथ समाज की प्रगति हो नगर की प्रगति हो देश की प्रगति हो विश्व का उत्थान हो कहीं हानि न हो। जियो और जीने दो। आजकल तो पड़ोसी को छोड़ो हम अपने घर के लोगों को भी जीने नहीं देते। ईर्ष्या का भाव घर में अगर चार पुरुष हैं तो एक दूसरे के विरुद्ध घर में अगर चार बहुएं हैं तो एक दूसरे के विरुद्ध उन्होंने कहा घर में पहले एक रसोई होती थी। चाहे घर में 50 लोग रहते हो पर खाना एक ही जगह बनता था उसके पीछे एक कारण था सारी बहूए सारी महिलाएं एक साथ खाना खाएं इससे भावनाएं सकारात्मक हो जाती थी। अपना धंधा तो बना रहे हों पहले अपना घर तो बनाओ।

 

जैन समाज हमें सिखाता है कि साफ दिल रखोगे किसी की भावनाओं को चोट नहीं पहुंचाओगे तो एक चीज आपको मिलेगी वह है रात को अच्छी नींद। उन्होंने कहा देश में विश्व में ऐसे भी लोग हैं जो रात को सो नहीं पाते। आज वर्तमान में इतनी प्रतिस्पर्धा है लेकिन इन सब में अगर महत्वपूर्ण है तो चैन की नींद रात को। उन्होंने कहा वही लोग दीर्घायु होते हैं जिन्हें रात को अच्छी नींद मिल पाए। उन्होंने कहा शरीर को भी 8 घंटे मेहनत का समय दिया जाता है, 8 घंटे चाहिए शरीर को जरूरत है अपने आप को रिपेयर करने की। 8 घंटे शरीर को चाहिए आराम करने के लिए अच्छी नींद आपको मिलेगी तो आपका शरीर स्वस्थ होगा। जितना आपका मन साफ होगा उतना आपका शरीर भी साफ होगा। 

    अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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