गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में नगर फोर्ट में नवीन वेदियों में विराजमान हुए श्री जी
अगर आप धन का नवदेवता हेतु सदुपयोग करोगे तो अक्षय फल की प्राप्ति होगी आर्यिका विज्ञाश्री

जयपुर/

नगरफोर्ट . सकल दिगंबर जैन समाज के द्वारा आदिनाथ भगवान (सांवला जी महाराज ) मंदिर में चल रहे भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का कार्यक्रम प. पू. भारत गौरव गणिनी गुरु मां 105 विज्ञाश्री माता जी के ससंघ सानिध्य में आज हर्षोल्लास से हुआ सम्पन्न हुआ, जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत जिनाभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, विश्व शांति महायज्ञ एंव पुण्याहवाचन के साथ हुई । शुक्रवार को नैनवा समाज ने मिलकर पूज्य गुरु मां के चरणों में प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित किया । शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र साखना एवं जयपुर, बांसी की समाज ने भी श्रीफल समर्पित किया । पूज्य गुरु माँ ने प्रवचन देते हुए कहा कि चतुर्थकालीन आदिनाथ भगवान ( सावला जी महाराज ) के नाम से विख्यात आज उन्हें आप नवीन स्वर्णमयी वेदी पर विराजमान कर रहे हैं , धन का सदुपयोग कर रहे है , क्योंकि धन की तीन गति होती हैं । धन को आलमारी में सजा के रखोगे तो वह सड़ता जायगा ,यानी विनाश को प्राप्त होगा , धन का अगर भोग करोगे तो उसका विनाश होगा पर आप अगर नवदेवता में या सप्त परम् स्थान में धन का दान करोगे तो उससे अक्षय फल की प्राप्ति होगी कभी विनाश को प्राप्त नहीं होगा , महोत्सव के दौरान नाथूलाल, पारस कुमार गर्ग ने गुरु मां को वस्त्र भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा पाद प्रक्षालन महावीर प्रसाद ,राजेश कुमार विजेंद्र मोदी ने किया । ओर महेंद्र कुमार ,अशोक कुमार ,मुकेश कुमार,संजय सोनी ,कन्हैयालाल ,राजेंद्र सोनी,हर्ष कुमार सोनी, अशोक काला,धुली लाल बांसी वालों ने भगवान आदिनाथ को नई स्वर्णमयी वेदी में विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त किया । इस अवसर पर रतनलाल काला, राजेन्द्र सोनी,कमल कुमार, वर्धमान सोनी, पदम बज,नरेश सोनी, सहित समाज के लोग मौजूद थे।
*राजाबाबू गोधा जैन समाज मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
