जैन धर्म सिखाता है – ‘अहिंसा परमो धर्मः : सर्वार्थ सागर जी महाराज*

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जैन धर्म सिखाता है – ‘अहिंसा परमो धर्मः : सर्वार्थ सागर जी महाराज*

पथरिया -15 -8-2025 अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि, पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का चातुर्मास पथरिया में शुरु हैं | पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य विचित्र बाते प्रणेता सर्वार्थ सागर महाराज जी ने पथरिया में अपने प्रवचन में कहा कि -जैन धर्म सिखाता है – ‘अहिंसा परमो धर्मः’।

 

 

यह केवल जीवों को न मारने की बात नहीं, बल्कि हर उस विचार, शब्द और कर्म से बचने की प्रेरणा है जो किसी को दुख दे।लेकिन क्या हम जानते हैं कि जैन श्रावक न सिर्फ धर्म में, बल्कि देशभक्ति में भी अग्रणी रहे?जब भारत माता को आज़ादी चाहिए थी, तब कुछ जैन श्रावकों ने न केवल धन-द्वार खोले, बल्कि अपने प्राणों की आहुति तक दे दी।

 

 

 

 

 

उन्होंने कहा यह सच्चा संयम है – जहाँ व्यक्ति अपने सुख से ऊपर उठकर, धर्म और देश दोनों की सेवा करे।हमारा कर्तव्य है कि हम भी ऐसे आदर्शों को अपनाएँ – धर्म का पालन करें, और देश के लिए कुछ कर दिखाएँ।क्योंकि असली साधुता वही है, जो केवल मोक्ष नहीं, समाज और राष्ट्र की भलाई में भी योगदान दे।

 

विशुद्ध परमभक्त श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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