दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए गीत आज भी जीवंत है लोग सुनकर देश भक्ति से भर जाते हैं
आज हम आजादी का जश्न मना रहे हैं। यह आजादी हमें यूं ही प्राप्त नहीं हुई है इसके लिए कई जवान नौजवानों ने अपनी कुर्बानियां दी है। आज सच में उन्हें याद करने का नमन करने का दिन है।
देश भक्ति का जज्बा लिये कई गीत है जो आज भी जीवंत हैं जिन्हें सुनकर लोग देश भक्ति से भर जाते और भावुक हो उठते हैं ऐसा ही जीत है दिल दिया है जान भी देंगे हे ए वतन तेरे लिए।


जी हां देश प्रेम और देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हर नागरिक में होता है। हिंदी सिनेमा ने भी इस मोहब्बत और जज़्बे को बख़ूबी अभिव्यक्त किया है। आज भी देशभक्ति के कई ऐसे गाने हैं जो लोकप्रिय हैं। बदलते वक़्त के साथ इनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है। कुछ ऐसे बेशक़ीमती गीत है जो हर नागरिक को वतन के प्रति अपनी मोहब्बत का इज़हार करने के लिए अल्फ़ाज़ देते हैं। आज़ादी स्पेशल में पेश है लोकप्रिय देशभक्ति गीत, ‘दिल दिया है जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए…।’
जी हा सुभाष घई की 1986 में आई फ़िल्म ‘कर्मा’ सुपर हिट रही। इसके गाने भी लोगों ने ख़ूब पसंद किए थे। इस फ़िल्म का गीत ‘दिल दिया है जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए’ आज भी लोगों की ज़ुबान पर है। यह गीत लिखा था मशहूर गीतकार आनंद बक्शी ने। इस गीत को मोहम्मद अज़ीज़ और कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी दिलकश आवाज़ में लाफ़ानी बना दिया है। रूह को छूने वाले इस गीत को संगीत से सजाया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने।
मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू
तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू
हर करम अपना करेंगे
ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
हर करम अपना करेंगे, तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा
तू मेरा अभिमान है
ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल क़ुर्बान है
हम जिऐंगे और मरेंगे
ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
हमवतन, हमनाम हैं
जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्ज़ाम है
हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
तेरी गलियों में चलाकर नफ़रतों की गोलियां
लूटते हैं कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियां
लुट रहे हैं आप वो अपने घरों को लूट कर
खेलते हैं बेख़बर अपने लहू से होलियां
हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे
यह गीत धर्मनिरपेक्षता के साथ आज में हो रही हिंसा अत्याचार को भी प्रदर्शित करता है। यह गीत सच्चे अर्थों में हमारे देश के सैनिकों एवं देशभक्ति के लिए सच्ची भावांजलि है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

