आज की सबसे बड़ी बीमारी है हीनभाव हीनता मतलब अपने आप को कमजोर समझना प्रसन्न सागर महाराज 

धर्म

आज की सबसे बड़ी बीमारी है हीनभाव हीनता मतलब अपने आप को कमजोर समझना प्रसन्न सागर महाराज 

    दिल्ली 

अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी बीमारी है ~ हीनभाव – हीनता।मतलब ~ अपने आपको कमजोर समझना.

 

 

उन्होंने कहा करने का जज्बा कायम रखो,, मगर जज्बा ही कायम मत रखो.. साथ में वैसा एड़ी से चोटी तक दम भी लगाओ..!मन की हीनता ही सभी बीमारियों की जड़ है। जब जब भी हम अपने आपको दूसरे से तौलेंगे, तब तब हम अपने आपको कमज़ोर ही पायेंगे।

जिसने उससे आगे जाना चाहा, तब तब वह पीछे गिरते गया। आज हमारी सारी दौड़ प्रतिस्पर्धा की है। हम उसे पीछे करने के चक्कर में अपना सब सुख खत्म करते जा रहे हैं। आज की प्रतिस्पर्धा की दौड़ में सबसे ज्यादा टांग खींचने वाले अपने ही लोग है।

एक युवक ने बड़े बड़े पहलवान को चैलेंज किया,, किसमें दम है हमको हराने की-? बड़े बड़े पहलवान को लगा कि दुबला पतला मरा मरा सा युवक हमको चैलेंज कर रहा है।

 

 

 

 

 एक पहलवान ने कहा – आ जा बेटा मैदान में। वह युवक भी पुरी दमदारी से मैदान में, अपनी ताल को ठोका, बाहों को ऊंचा किया और सामने वाले पहलवान को चैलेंज किया। तुम में दम हो तो हमको हरा कर दिखाओ-? जैसे ही पहलवान सामने आया युवक के – युवक चित्त लेट गया और बोला, अब हराओ दम हो तो। पहलवान माथे पर हाथ ठोक कर वापस चला गया। 

 

 

 

 

 

सफलता के शिखर पर वे ही लोग पहुंच पाते हैं,, जो हीनता से ऊपर उठकर जीते हैं और दम लगाकर मेहनत करते हैं। जो प्रतिस्पर्धा की दौड़ से हटकर अपनी दौड़,, दौड़ते हैं ~ वे लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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