स्वदेशी वस्तु चाहे महंगी हो, लेकिन हमें स्वदेशी ही खरीदनी चाहिए, इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा सुधासागर महाराज 

धर्म

स्वदेशी वस्तु चाहे महंगी हो, लेकिन हमें स्वदेशी ही खरीदनी चाहिए, इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा सुधासागर महाराज 

 अशोकनगर

मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का शहर में पावन वर्षा योग चल रहा है, इसके तहत सुभाषगंज मैदान में रोजाना सुबह धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है।बुधवार को हुई धर्मसभा में मुनिश्री ने लोगों को स्वदेशी का संदेश दिया।

 

 

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जिस बीमारी की दवा भारत में बनती है, वह भले ही महंगी हो, लेकिन हमें देश में स्वदेशी ही ही खरीदनी चाहिए। इससे देश का पैसा देश में रहेगा।

 

 

उन्होंने कहा कि जब हम सुधरेंगे, तभी दुनिया सुधरेगी। हमें अपने देश पर गर्व है, इसलिए इसे छोड़कर नहीं जाएंगे। अपनी योग्यता का उपयोग देश के विकास में कि वह विदेश नौकरी करें। अगर कोई यह संकल्प कर ले विदेश में  नौकरी के लिए नहीं जाएगा, तो यह देश के लिए बड़ा योगदान होगा।

 

 

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि लोग अपनेसुख के लिए मां-बाप को छोड़कर विदेश चले जाते हैं।बच्चे सुखी हैं, लेकिन मां-बाप के आंसू किसी को नहीं दिखते। एक मां-बाप दस बच्चों को पाल लेते हैं, लेकिनदस बेटे मिलकर भी मां-बाप को नहीं रख पाते। हमारे पास हुनर है, तो भारत को समृद्ध बनाएं अंग्रेजों ने भारत से दूध छीन कर पांच पैसे की चाय पकड़ा दी उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत से दूध छीन लिया और पांच पैसे में चाय पकड़ा दी।

 

पहले दूध-दही का सगुन था। अब गुटखा, तंबाकू और शराब जैसे नशे आम हो गए हैं। ये हमारे शास्त्रों में अशुभ माने गए हैं। पांच पैसे से नशा शुरू होता है, जिससे सबको छुड़ाना है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के मन में यह भाव आ जाए कि आज से चाय छोड़कर दूध-दही अपनाएंगे, तो यह भी एक बड़ा बदलाव होगा। मुनि श्री ने कहा कि नशा मुक्ति को अभियान के रूप में चलाना चाहिए। इससे जीवन बेहतर होगा।

    संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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