डिजिटल युग में तकनीक ने दूरियों को मिटाया है और रिश्तो में भी दूरियां ला दी है प्रज्ञा सागर महाराज
कोटा
तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर महाराज ने महावीर नगर प्रथम दिगंबर जैन मंदिर में श्रावकों को संस्कारों का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि डिजिटल युग में तकनीक ने जहां दूरियों को मिटाया है, वही रिश्तो में भी दूरी ला दी है।
आचार्य श्री ने कहा कि आज का व्यक्ति सोशल मीडिया पर दूर बैठे अनजान से घंटे बातचीत करता है लेकिन परिजनों से संवाद के लिए समय नहीं निकलता। मोबाइल देखने की बजाय माता-पिता के चरणों को सहलाए तो जीवन में अनुपम सुख, शांति, संतोष मिलेगा।
संस्कारों का लगातार हो रहा पतन
आचार्य श्री ने युवाओं के संस्कार विहीन होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले शोक सभाएं जहां 40 दिन तक चलती थी, अब 3 दिन में सिमट गई। एक समय ऐसा आएगा जब मृत्यु पर भी अवकाश का इंतजार करना होगा। शवों को ड्रिप फ्रिजर में रखकर रविवार की प्रतीक्षा की जाएगी।
धर्म से दूर होती जा रही युवा पीढ़ी
आचार्य श्री ने कहा कि युवा धार्मिक जीवन से दूर हो रहा है। यही स्थिति रही तो पंचम काल तक धर्म को जीवित रखना कठिन हो जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि हर व्यक्ति वसीयत में स्पष्ट कर दे की संतान यदि मंदिर पूजन और धार्मिक आचरण से जुड़े रहे तभी संपत्ति का अधिकारी होगा अन्यथा सब मंदिर को समर्पित कर दिया जाए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312






