मुनिश्री सुधासागर महाराज का 13 वर्षों के बाद बजरंगगढ़ में आगमन मुनिश्री के पीछे चल धर्म प्रेमियों ने कीचड़ पगडंडियों को बनाया आस्था पथ मुनिश्री सुधासागर महाराज का 13 वर्षों के बाद बजरंगगढ़ में आगमन मुनिश्री के पीछे चल धर्म प्रेमियों ने कीचड़ पगडंडियों को बनाया आस्था पथ
गुना
बजरंगगढ़ में निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधा सागर महाराज का 13 वर्षों बाद जब बजरंगगढ़ में आगमन हुआ तो संपूर्ण जैन समाज एवं भक्त आनंदित हो गए। तीर्थ पर पहुंचने पर मुनि श्री ने मंदिर निर्माण के कार्य का निरीक्षण किया और दिशा निर्देश प्रदान किया। आज प्रातः बेला में मूल नायक शांतिनाथ कुंथुनाथ और अरहनाथ भगवान का महामस्काभिषेक होगा। इसके लिए विशेष वैसे भी चलाई गई हैं। जिले में संतों के आगमन से धार्मिक चेतना और भक्तिभाव की अभूतपूर्व लहर दौड़ गई है।
राघोगढ़ पंचकल्याणक महोत्सव के बाद मुनिश्री सुधा सागर महाराज ने रुठियाई से बिहार प्रारंभ किया और खंडेश्वरी हनुमान मंदिर से बजरंगगढ़ स्थित शांतिनाथ पुण्योदय तीर्थ पहुंचे इस मार्ग में कीचड़, जंगल बारिश के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु पैदल यात्रा में शामिल हुए।



बाजार स्थित पारसनाथ मंदिर में दर्शन के बाद मुनि श्री तीर्थ पर पहुंचे। जहां मुख्य द्वार पर उनके भव्य अगवानी की गई पद प्रक्षालन किया गया एवं मंगल आरती की। भक्त काफी भावुक थे भक्तों का कहना था कि 2013 की कमाई आज भक्ति में बदलकर सामने है।
यह तीर्थ अब भक्ति तप और निर्माण के भावों से परिपूर्ण हो चुका है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
