मोबाइल से स्वाध्याय करें तो उसे जिनवाणी माने प्रशममति माताजी

धर्म

मोबाइल से स्वाध्याय करें तो उसे जिनवाणी माने प्रशममति माताजी
रावतभाटा
परम पूजनीय आर्यिका 105 उपशममति माताजी ने बड़ा बाजार स्थित सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि इंसान जब किसी बुरे अनुभव से गुजरता है तो भगवान को दोष देता है। जब अच्छा उसे अपनी मेहनत और पुण्य का फल मानता है। यह सोच गलत है।

 

 

उन्होंने कहा भगवान अच्छा करते हैं, न बुरा। हर व्यक्ति को अपने अच्छे कर्मों का फल मिलता है। आज का मानव मोबाइल का उपयोगहर जगह करता है। भक्ति और स्वाध्याय भी मोबाइल से करता है। जब वह मोबाइल से शास्त्र पढ़ता है तो उसे मोबाइल को भी शास्त्र मानना चाहिए। उसे जिनवाणी मा का स्थान देना चाहिए।

उन्होंने कहा मोबाइल को उचित स्थान पर रखना चाहिए ऐसा कोई नहीं करता जिसकी जितनी आयु तय है, वह उससे एक पल भी अधिक नहीं जी सकता।

जो लोग भगवान को दोष देते हैं, वे जैन धर्म को नहीं समझते। अज्ञानता के कारण ऐसी बात करते हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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