आचार्य भगवन् विद्यासागरजी महाराज की संगमरमर की विशाल मूर्ति की भव्य शोभायात्रा नगर में निकली
विदिशा
*संत शिरोमणि आचार्य भगवन 108 विद्यासागर जी महामुनिराज जिनकी ख्याति छोटे बाबा के नाम से थी अति मनोहारी अतिशयकारी मूर्ति का जयपुर से विदिशा आगमन हुआ।
उपरोक्त मूर्ति श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग जैन मंदिर अरिहंत विहार में विराजमान होगी उपरोक्त मूर्ति की मंगल अगवानी करने बड़ी संख्या में समाज बंधु गुलाब वाटिका पहुंचे प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया उपरोक्त विशाल संगमरमर की प्रतिमा का गुलाब बाटिका डंडापूरा से प्रारंभ विशाल शोभायात्रा को विद्या शिरोमणि आध्यात्मिक संत नवाचार्य 108 समय सागर जी महामुनिराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री विमल सागर जी महाराज मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में शोभायात्रा प्रारंभ हुई जो कि। डंडापुरा, वड़ाबाजार तिलकचौक निकाला माधवगंज खरीफाटक रो से होते हुये श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग. जैन मंदिर अरिहंत विहार पहुंची इस शोभायात्रा में आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के कटाउट लगे हुये थे तथा भक्त आचार्य गुरुदेव विद्यासागर की जयजयकार कर रहे थे।


इस समारोह को मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने संबोधित करते हुये कहा कि इस धरती पर संत तो बहुत हुये लेकिन आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महाराज जैसे संत अब हमें देखने को नहीं मिलेंगे।

प्रवक्ता श्री जैन ने बताया मूर्ती को अस्थायी रुप से अभी अरहंत विहार के विद्यासागर सभाग्रह में रखा गया है तथा आगामी दिनों में आचार्य श्री के दीक्षा दिवस जो कि 30 जून को है इसे भव्य समारोह के साथ ध्यान केन्द्र में स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सकल दि. जैन समाज के समस्त पदाधिकारी उपस्थित थे। मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर महाराज का मंगल विहार सागर रोड़ पर हुआ रात्री विश्राम ओलम्पस स्कूल में तथा आहार चर्या अतिशयक्षेत्र हिरनई ग्राम में होगी ज्ञातव्य रहे मुनिसंघ का आगामी चातुर्मास भाग्योदय तीर्थ सागर में होंने जा रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
