पथरिया मे होने जा रहा है आगमन पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज विरागोदय तीर्थ पर होगा वर्षायोग

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पथरिया मे होने जा रहा है आगमन पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज विरागोदय तीर्थ पर होगा वर्षायोग

पथरिया  भारत गौरव राष्ट्र संत गणाचार्य श्री विरागसागर की जन्म स्थली पथरिया में.निर्मित अद्भुत तीर्थ विरागोदय में नवीन पट्टाचार्य आचार्यश्री 108 विशुद्धसागर महाराज का पट्टाचार्य बनने के बाद प्रथम चातुर्मास संपन्न होने जा रहा ह है। आचार्यश्री संसंघ की 2जुलाई को पथरिया आगवानी होगी तथा 5 जुलाई को विरागोदय में प्रवेश होगा और 12 जुलाई को चातुर्मास कलश स्थापना होगी।

 

 

आचार्यश्री के चातुर्मास को लेकर विरागोदय तीर्थ में तैयारियां प्रारंभ हो गई है। आचार्यश्री की भव्य आगवानी के लिए पथरियानगर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। घर-घर रंगोली बनाई जाएगी। आचार्य श्री संसघ के साथ पथरिया के लिएविहार कर रहे हैं।

विरागोदय तीर्थ के प्रचारमंत्री कवीश सिंघईने बताया की वर्ष 2023 में इस तीर्थ कामहामहोत्सव संपन्न हुआ था। जिसमें देश भर से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए थे। एवम 400 से अधिक साधु शामिल हुए थे, परंतु आचार्य श्री विरागसागर जी का 4 जुलाई 2024 को औरंगाबाद जाते समय महाराष्ट्र के जालना में समाधिमरण हो जाने के पश्चात देश के सबसे अधिक जैन दीक्षा एवं समाधि कराने वाले गुरु का स्थान रिक्त हो गया था, अपनी समाधि से पूर्व आचार्य  विरागसागर जी महाराज ने अपनाआचार्य पद अपने योग्य शिष्य आचार्य श्री विशुद्धसागर जी को सौंपा था। 27 अप्रैल 2 मई 2025 तक इंदौर में आयोजित पट्टाचार्य महोत्सवकार्यक्रम में देश के लाखों भक्तों और 500 साधुसंतों की उपस्थिति में भट्टारकों द्वारा विधिवत, विधि विधान से पट्टाचार्य का पद 30अप्रैल 2025 को प्रदान किया गया था। पट्टाचार्य बनने के बाद का प्रथम ऐतिहासिक चातुर्मास विरागोदय तीर्थ पर संपन्न होने रहा है। जिसमें 25 से 50 साधु चातुर्मासरत रहेंगे चातुर्मास जिसे चार महीने का पर्व भी कहा जाता है। यह पवित्र अवधि जो वर्षा ऋतु के दौरान आता है। इस दौरान संत मुनि एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं।

गणाचार्य विशुद्ध सागर महाराज का चातुर्मास होने से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बन जाएगा। आचार्यश्री के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र केलोगों के लिए प्रेरणा आध्यात्मिक मार्गदर्शन औरप्रेरणा स्त्रोत बनेंगे। आचार्य श्री का यह चातुर्मासन केवल दमोह के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। जहां वे धार्मिकता और आधात्मिकता के  मार्ग पर चल सकते हैं। गणाचार्य के संसघ पथरिया आगमन पर भक्तों में उत्साह का माहौल है।

      संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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