प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का 68 वां समाधि वर्ष श्रद्धापूर्वक मनाया जावेगा
उदयपुर
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का 68 वा समाधि वर्ष उदयपुर में उन्हीं की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा की पंचम पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि श्री वर्धमान सागर जी महाराज के संघ सानिध्य में मनाया जावेगा।
सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर के शांतिलाल वेलावत अध्यक्ष एवं सुरेश पद्मावत ने बताया कि दिनांक 16 तारीख को श्री जी के अभिषेक नित्य नियम पूजन के बाद 108 पुण्यार्जक परिवारों द्वारा श्री शांति सागर विधान की पूजन की जावेगी। उसके बाद आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में विनयांजलि सभा होगी शाम 7:00 बजे श्री जी की आरती होगी रात्रि में चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के जीवन पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया है ।

दिनांक 17 सितंबर को नगर निगम परिसर उदयपुर से बीसा हूमड़ भवन चारित्र चक्रवर्ती शोभायात्रा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में प्रातः 7:00 बजे निकाली जाएगी ,जिसमें स्थानीय महिला मंडल और विभिन्न मंदिरों की समाज द्वारा आचार्य श्री शांति सागर जी के जीवन पर चलचित्र झांकी निकाली जावेगी। की प्रतियोगिता होगी जिसका प्रथम इनाम 11000 रुपए ,दिव्तीय इनाम 7100 और तृतीय रुपए 5100 रखा गया है। प्रातः 9:00 बजे आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में विनयाजलि सभा होगी तथा रात्रि में 108 दीपकों से महा आरती होगी इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संयोजक पुष्कर भंडावत ,महावीर देवड़ा, राजेश देवड़ा ,चंद्र प्रकाश कारवां, रवीश मुंडलिया श्रीमती विद्या जेवरिया , लीला, मंजू गदावत अंजना गंगवाल आदि को बनाया गया है।
आचार्य श्री का एक परिचय

आचार्य श्री शांति सागर जी का जन्म सन 1872 में भोज ग्राम में हुआ ।आपका नाम सात गौड़ा था। अपने सन 1915 में क्षुल्लक दीक्षा ,सन 1920 में मुनि दीक्षा ली तथा सन 1924 में आचार्य पद दिया गया।

अपने संयम जीवन में 9938 उपवास 41 वर्षा योग में किये आपके संयम दीक्षा जीवन में चींटी, मकोड़े ,शेर ,सर्प, मानव जनित अनेक उपसर्ग हुए जिन्हें आपने समता भाव से सहन किया जिनवाणी के संरक्षण के लिए आपने धवल और महाधवल ग्रंथों को ताम्र पत्रों पर अंकित कराया जैन धर्म और मंदिर के संस्कृति की रक्षा के लिए अपने 1105 दिनों तक अन्न आहार का त्याग किया था अपने 26 मुनि दीक्षा, 16 ऐलक, 4 आर्यिका , 28 क्षुल्लक, तथा 14 क्षुल्लिका दीक्षा सहित कुल 88 दीक्षाएं दी ।

रामगंजमंडी।
दिनांक 14 एवं 15 सितंबर को रामगंज मंडी की होटल महाराजा पैलेस में सुबह 11:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक मुंबई एवं कोलकाता की एनटिक ज्वेलरी एवं सर्टिफाइड डायमंड ज्वेलरी की एग्जीबिशन एवं सेल कोटा की मशहूर ज्वेलर्स पारस ज्वैलर्स के द्वारा लगाई जा रही है। अधिक जानकारी के लिए निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 9414180123,9414126451
आपकी समाधि सिद्ध क्षेत्र कुंथलगिरी में 18 सितंबर 1955 को भाद्रपद शुक्ल दूज को हुई
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
