घनघोर बादलों की छटा में तपोदय तीर्थ बिजोलिया का दृश्य विहंगम हो गया

धर्म

घनघोर बादलों की छटा में तपोदय तीर्थ बिजोलिया का दृश्य विहंगम हो गया

बिजोलिया 17 जून बिजोलिया कस्बे के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दिगंबर जैन पारसनाथ तपोदय क्षेत्र घनघोर बादलों की छटा में रात्रि में विहंगम दृश्य दृश्य देखा गया। काले काले बादलों की ओट और रोशनी की सजावट आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।यहां पर गगन बिहारी गुफा मंदिर चतुर्मुखी पारसनाथ भगवान की प्रतिमा तीर्थ यात्रियों के लिए श्रद्धा और आकर्षक केंद्र हैं। 

 

 

  क्षेत्र विवरण  यदि हम इस अलौकिक तीर्थ के विषय में जाने तो यह आस्था का एक केंद्र बिंदु है। चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर स्थित इस क्षेत्र में विक्रम संवत् 1226 का एक शिलालेख है, जिसके अनुसार भगवान पार्श्वनाथ को केवल ज्ञान प्राप्त होने से पूर्व कमठ द्वारा इसी स्थान पर उपसर्ग किया गया था। इसके बाद भगवान पार्श्वनाथ को केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह शिलालेख विश्व का सबसे विशालतम शिलालेख माना जाता है।

इस क्षेत्र पर कुल 11 मन्दिर हैं। एक चौबीसी, समवाशरण रचना व 2 मानस्तम्भ हैं। यहां संतशाला व गणधर परमेष्ठी मन्दिर भी हैं।

 

 

स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार उज्जैन के व्यापारी जब यहां यात्रा करते हुये आये, तो उन्हें प्रतिमाओं के बारे में सपना आया। अगले दिन उनके द्वारा निश्चित स्थान पर खुदाई की गई और प्रतिमायें निकाली गईं। इसके बाद इस मन्दिर का निर्माण करवाया गया। अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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