नैनवां में जैन मुनि आदित्य सागर महाराज के मंगल प्रवेश में दूर-दूर से आए मुनि भक्त उमड़े कौन दुखी कौन सुखी संसार में आदित्य सागर महाराज 

धर्म

नैनवां में जैन मुनि आदित्य सागर महाराज के मंगल प्रवेश में दूर-दूर से आए मुनि भक्त उमड़े कौन दुखी कौन सुखी संसार में आदित्य सागर महाराज

नैनवां में 11 जून बुधवार प्रातः 7:00 बजे की संपूर्ण दिगंबर जैन समाज द्वारा अपार महिला मंडलों पुरुषों ने गाजे-बाजे बाजे जय घोष द्वारा कृष्ण मैरिज गार्डन पर गाजे-बाजे के साथ जैन समाज द्वारा मुनि श्री आदित्य सागर महाराज संघ की अगवानी की।जगह जगह मुनिसंघ का पाद प्रक्षालन कर पुष्य वर्षा की गई। महाराज श्री संघ सहित शहीद भगत सिंह सर्किल होते हुए शांति वीर धर्मस्थल पहुंचे जहां पर मुनिसंघ ने जिनालय के दर्शन किए।

  अग्रवाल बड़े मंदिर में धर्मसभा हुई धर्म सभा से पूर्व भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित संघ के संघपति विकास सिटी भीलवाड़ा जयपुर ग्वालियर से आए भक्तों द्वारा किया गया। इसके उपरांत उनका स्वागत सम्मान कमल कुमार मारवाड़ा अध्यक्ष वर्षा योग समिति ,अध्यक्ष विनोद बरमूडा प्रमोद जैन आदि ने किया।मुनिश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्री मोहनलाल कमल कुमार जैन मारवाड़ा को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य बाबूलाल हितेश कुमार जैन बरमूडा परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मंगलाचरण की प्रस्तुति अमीषी जैन अवनी जैन द्वारा नृत्य प्रस्तुति के रूप में दी। गुरु की निंदा करने वाला दुखी रहता है मुनिश्री 

परम पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आज का मनुष्य संसार में बहुत दुखी है जबकि सुख-दुख उसकी आत्मा में है दूसरों के शब्दों भाषा बोलने से दुखी होना दुखी नहीं है सच्चे गुरु सदैव ही भक्त को अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाते हैं गुरु की प्रशंसा करना अच्छा गुण है गुरु की निंदा करना बुरा कर्म है।

मुनिश्री ने बंद पिंजरे में तोते का उदाहरण देते हुए बताया

     महाराज श्री ने उदाहरण देते हुए बताया की एक तोता पिंजरे में बंद है वह आजाद होना चाहता है सदैव राम राम बोलता है फिर भी उसे स्वतंत्रता का मार्ग नहीं मिल रहा है तोते ने कुछ समय के लिए अपने आप को अचेत मरण अवस्था में पिंजरे में कर लिया तोते के मालिक ने देखा तोता किस प्रकार हो रहा है इसे बाहर निकाल कर देखना चाहिए पिंजरे का गेट खोला उसे निकाला और तोता राम-राम करते हुए उड़ गया।मुनिश्री ने नैनवा के जिनालय के दर्शन कर ऐसा बताया कि नैनवा के मंदिर सुंदर प्रतिमा स्वस्ति धाम से कम नहीं है बहुत बड़ा यहां जैन समाज है बहुत सुंदर जिनालय है। लोगों की भीड़ को देखकर ऐसा लगा सचमुच ही नैनवा एक धर्म नगरी है।मुनिश्री आदित्य सागर महाराज का आहार का सौभाग्य मोहनलाल कमल कुमार मारवाड़ा सुमती प्रकाश अशोक कुमार मोडीका जय कुमार कुमार अनिल कुमार जैन जहाजपुर वाले वालों ने 1 दिन में ऐसा सौभाग्य प्राप्त किया प्राप्त किया।

 

 

धर्म सभा में राजधानी जयपुर कोटा ग्वालियर एमपी यूपी केकड़ी बूंदी गोठड़ा जजावर बासी दुगारी रानीपुर नगर फोर्ट पलाई उनियारा आदि स्थानों के मुनि भक्तों ने धर्म का लाभ प्राप्त किया। सायंकाल 5:30 पर अग्रवाल जैन मंदिर से मुनि का बिहार नगर फोर्ड के लिए होगाधर्म सभा का संचालन पं नरेंद्र शास्त्री मोहन जैन मारवाड़ा द्वारा किया महावीर कुमार सरावगी वर्षा योग समिति प्रचार मंत्री से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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