योग गुरु बाबा रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने प्रसन्न सागर महाराज की आयुर्वेद केंद्र पतंजलि योगपीठ पर की मंगल अगवानी
हरिद्वार
(22 मई) अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज की अहिंसा संस्कार पद यात्रा पतंजलि योग पीठ आश्रम हरिद्वार उत्तराखंड पहुंची।
जहां एक साथ आये पतंजलि योग पीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि दुश्मनी को मिटाने का छोटा सा फार्मूला अपनाइये.. प्लीज दुश्मन को देखकर एक बार मुस्कुराइये..! बैर कब तक है? – जब तक दो दुश्मन एक दूसरे को देखकर मुस्कुराते नहीं है। जिस दिन एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा देंगे, उसी दिन बैर का विनाश हो जायेगा। हँसना मुस्कुराना सिर्फ मनुष्य की नियति में है। हँसना मुस्कुराना सबकी किस्मत में नहीं होता। जो ईर्ष्या, द्वेष, क्लेश से दूर है वो ही हँसने मुस्कुराने का आनंद ले सकते हैं।

मनुष्य जन्म लेता है, तब सारी दुनिया हँसती है, वह रोता है,, लेकिन अब हम ऐसा कर्म करें, सत्कर्म करें कि जब हम मरे तो सारी दुनिया रोए और हम हँसे। हँसना मुस्कुराना भी कला है। किसी को जीतना है तो तलवार से नहीं प्यार से जीतो, प्रेम से जीतना सीखो, प्रेम से जीता व्यक्ति कभी तुमसे अलग नहीं हो सकता।
तलवार से जीता व्यक्ति तो कालांतर में सबल हो सकता है। हँसने मुस्कुराने में तो कुछ जाता भी तो नहीं है। रोते हैं तो आंसू जाते हैं, मुस्कुराने में तो वो भी नहीं जाते। हम कठोर से कठोर परिस्थितियों में भी हँसना मुस्कुराना सीखें। जब आप हँसते, मुस्कुराते हैं तो सब आपके साथ होते हैं। लेकिन जब आप रोते हैं, तो अपने भी साथ छोड़ देते हैं।
इसलिए –हम हमेशा अपने चेहरे पर मधुर मुस्कान को रखें..परन्तु नेताओं जैसी नहीं सन्त शिशुओं जैसी…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


