ग्लोबल महासभा ने ऐसा कर दिखाया..आज समाज को ऐसी ही संस्थाओं की जरुरत है।

धर्म

ग्लोबल महासभा ने ऐसा कर दिखाया..आज समाज को ऐसी ही संस्थाओं की जरुरत है।

सिर्फ 3 वर्ष पहले स्थापित हुई श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा ने अल्प समय में उदयपुर में जैन धर्म की प्रभावना के लिए बहुत शानदार कार्य संपन्न किया जो आज समाज के लिए जरुरी था…

 

 

जी हा उदयपुर में 600 एकड में फैली राजस्थान की दूसरी सबसे बडी मोहनलाल सुखाडिया युनिवर्सिटी में ग्लोबल महासभा ने मात्र 1 वर्ष में प्राकृत भवन का निर्माण कर एक इतिहास कायम किया है।

गौरतलब है कि युनिवर्सिटी में जैनालाँजी का पीएचडी कोर्स पिछले अनेक वर्षो से चल रहा था। लेकिन कोर्स के लिए बिल्डींग ना होने से और अन्य संसाधनों की कमी से विद्यार्थीयों की संख्या घटकर 40 हो गई थी। औऱ तो और दुसरे डिपार्टमेंट में उनकी क्लास होने के बाद जैनालाँजी वालों को पढाया जाता था। 

 

बडे दुख की बात थी कि, करोडो रुपयों को दान देनेवाले धर्मावलंबीयो के धर्म को सीखाने के लिए संसाधन नही है…बिल्डींग बनाने के लिए 4 वर्ष पूर्व युनिवर्सिटी द्वारा जैन समाज को आवाहन किया गया था, लेकिन बात आगे बढ नही रही थी।

 

2 वर्ष पूर्व यह बात ग्लोबल महासभा को पता चली तो संस्था के अध्यक्ष जमनालाल जैन हपावत ने उदयपुर के यूनिवर्सिटी के प्राचार्य ज्योतिबाबु जैन के साथ उस युनिर्वसिटी का दौरा किया, स्थिती का जायजा लिया और तुरंत सहमती प्रदान की। युनिवर्सिटी द्वारा लगभग 1 एकड की जगह उसके लिए ग्लोबल महासभा को दी गई।

सारी प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात1 वर्ष पूर्व उसका भूमिपूजन राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के करकमलों से एवं प.पू. आचार्य वर्धमानसागरजी के मंगल सानिध्य में हुआ।

 

जी हा सिर्फ 1 वर्ष में इमारत की 1 मंजिल बनकर खडी हो गई और 17 मई को पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाबचंदजी कटारिया के करकमलों से एवं प.पू. आचार्य श्री सुनीलसागरजी गुरुदेव एवम आचार्य कल्प श्री पुण्य सागर जी महाराज मुनि श्री अपूर्व सागर जी अर्पित सागर जी महाराजमंगल सानिध्य में  युनिवर्सिटी हंस्तातरीत की गई। जिसमें अब प्रति वर्ष 145 से ज्यादा विद्यार्थी जैनालाँजी एवं प्राकृत भाषा सीख सकते है।

गौरतलब है कि इस 3 मंजिला इमारत में एक मंजिल पर जैनाँलाँजी सिखाया जायेगा, दूसरी व तीसरी मंजिल पर पांडुलिपियाँ जैन शास्त्र व म्यूजियम बनाया जाएगा ।

 

जन्म के मात्र 3 वर्ष में समाज को इतनी बडी सौगात देकर ग्लोबल महासभा ने एक इतिहास कायम किया है। आज समाज को एक सशक्त संस्था की जरुरत है, जो धर्म के साथ साथ समाज को एक मजबूती प्रदान करे, शिक्षा, बेरोजगार, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में जैन समाज के लिए कार्य करे, और यह बीडा ग्लोबल महासभा ने उठाया है।

मात्र 3 वर्षो में जैन जॅब्स के माध्यम से 2000 बच्चों को जाँब दिलाना, साधू संतो को प्रतिवर्ष सैकडों के संख्या में उपकरण कमंडल पीछी साड़ियों व्हिल चेयर व चटाई भिजवाना, साधु सुरक्षा के लिए मुनि सेवा समिती का जाल हर जिले में बुनना, होनहार बच्चों को छात्रवृत्ति देना, विहार ऐप के माध्यम से देशभर के 5000 विहार स्थानों को जोडना. समाज पर होनेवाले अन्यायों के खिलाफ आंदोलन करना आदि अनकों कार्य ग्लोबल महासभा ने कर दिखाये है निश्चित रूप से ऐसे ही संस्था की आज समाज को जरुरत है।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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