बीज खाया खिलाया नहीं जाता बोया जाता है–सुधासागरजी महाराज
सिलिमनावाद कटनी–
बीज ना खाया जाता है ना खिलाया जाता बीज को सुरक्षित रखा जाता है। बीज की सुरक्षा करते हुए समय पर खेत में बोया जाता है ।एक व्यक्ति ने बीज नहीं बोया और दूसरे ने बीज का रोपण कर दिया,बोने वाले के खेतों में फसल लह लहा रहीं हैं।और फसल आने पर बोने वाले का घर धान्य से भर गया। जो समय पर खेत में बीज नहीं बो पाया वह रह गया। इसी प्रकार दान बीज के समान हैं। जो समय पर क़रता है,फसल की तरह लहलाहता है, और दातार के घर भर देता है। उक्त आशय के उद्गार सिलिमनावाद कटनी से सीधे प्रसारण में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागर जी महाराज ने व्यक्त किए।
नवीन जिनालय का हुआ शिलान्यास
मध्य प्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि सिलिमनावाद में नवीन जिनालय का शिलान्यास परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य पुरे विधि विधान के साथ सम्पन्न किया गया। मात्र चौबीस घंटे में ही परम पूज्य की पावन प्रेरणा पा सिलिमनाबाद समाज ने सौभाग्य प्राप्त किया है। और सभी ने मन्दिर का निर्माण शीघ्र हो इस हेतु आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान मुनि पुगंव ने कहा की जिसका दान लग गया वह हस रहा है,और जो चूक गया वह रो रहा है। रोना बता रहा है कि उस जीव को धर्म क्रिया से छूट जाने का दुःख ही एक दिन उसे ऐसा पुण्य दिलायेगा जिससे वह भी सौभाग्य प्राप्त कर सकें।
*सच्चा जैन होगा तो उसकी आंखों से आंसू आ जायेगा*
उन्होंने कहा कि सच्चा जैन होगा यदि आपका पैसा जिनालय निर्माण या गरीब के सहयोग में नहीं लग पाया तो आपकी आंख से आंसू आ जायेगा तो समझ लेना आप सच्चे जिन भक्त हो।दान से बचने पर खुश होने वाले की स्थिति उस किसान की तरह होगी जो बीज वपन से तो चुक जाता है लेकिन बीज को देखकर खुश होता है कि मेरे पास तो अनाज रखा है लेकिन फसल आने पर अपने भाग्य को कोसता है।
मेरे अहो भाग्य है कि मैंने गुटका तंबाकू त्याग कर दिया यही मेरी मजदूरी है। आप लोग का जीवन सुखी हो आप व्यसनों से मुक्त रहे यही हमारे लिए गुरु दक्षिणा है। और जो नियम नहीं ले रहा सोच रहा है कहा से ये आफत आ गई समझ लेना उनका भविष्य अंधकारमय है उन्हें कोई नहीं बचा सकता।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
