जल बचाएं सभी को प्रेरणा दें भावसागर महाराज
बांसातरखेड़ा
पूज्य मुनि श्री 108 भावसागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए जल बचाने की और सभी का ध्यान दिलाया पूज्य महाराज श्री ने कहा कि आज पूरे देश में जल के लिए संकट है। सभी का कर्तव्य है कि जल बचाएं, और सभी को प्रेरणा दें। उतना ही जल का उपयोग करें जितना पीना हो। कई बार पीने के बाद बाकी जल फेंक देते हैं, बारिश भी समय पर नहीं होती है।
महाराज श्री ने कहा कि पूरे देश में एक नियम लागू होना चाहिए कि जब भी जल दे परिवार,रिश्तेदार, अतिथि परिचित को आधा गिलास दे। फिर भले ही बाद में और दे दे इससे जल की बचत होगी और व्यर्थ नहीं जाएगा।



महाराज श्री ने कहा कि वैज्ञानिकों के अनुसार जल की एक बूंद में 36450 जीव होते हैं, पानी की टंकी भी भर जाने के बाद उफनती रहती है,लोग ध्यान नही देते है। इसके लिए कानून बनाना चाहिए। सब्जियों को साफ पानी से भरे कटोरा में धोए। इससे नल से पानी चलाने की व्यर्थ प्रथा पर रोक लगाती है। कम जल से स्नान करें, एक सामान्य शावर में प्रति मिनट 2 से 5 गैलन पानी का उपयोग होता है। अपने स्नान में साबुन लगाने, कपड़े धोने और अन्य सामग्री धोने में जल का उपयोग कम करना चाहिए। दांतों को ब्रश करते समय पानी बंद कर दें, शेविंग करते समय पानी बंद कर दे। नलो पाइपों में लीकेज की जांच करें।
इसके साथ ही महाराज श्री ने कहा कि सुबह जल्दी उठना शाम की तुलना में बेहतर है। क्योंकि यह फंगस के विकास को रोकने में मदद करता है। अपनी स्प्रिंकलर को इस प्रकार रखें की पानी आपका लोन या बगीचे में गिरे ना कि उन क्षेत्रों में जहा इसकी जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि सुखा प्रतिरोधी पेड़ लगाए जाएं। कही खूबसूरत पेड़ पौधे बिना सिंचाई के भी पनपते है। गर्मी के दिनों में बच्चे नली या स्प्रिंकलर के नीचे खेलना पसंद करते हैं। दुर्भाग्य से यह प्रथा बहुमूल्य पानी की अत्यधिक बर्बादी है। और इसे हतोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान ने हमें जल रूपी अमृत दिया है। इसलिए जितनी जरूरत है उतना ही उपयोग करें। पानी के बिना सब सुन है। यदि पानी है तो जीवन है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
