मनीष सपना गोधा के कार्य की काव्य रूपी सुमन एवं शब्दों के द्वारा अनुमोदना
निश्चित रूप से 21वीं सदी में ऐसा जैन महाकुंभ आज तक नहीं हुआ इंदौर को अहिल्या की नगरी के रूप में जाना जाता था लेकिन आज धर्म नगरी के रूप में जाने जाने लगा है।
विगत 6 दिनों में इंदौर में एक महाकुंभ था जिसे जैन महाकुंभ की संज्ञा दी जा रही है। जी हा होनी भी चाहिए यह कर दिखाया युवा धर्म निष्ट धर्म वत्सल भामाशाह जिन शासन की अद्भुत प्रहरी श्री मनीष सपना गोधा इनके व्यक्तित्व कृतित्व पर जो भी लिखा जाए कम होगा।

काव्य अभिव्यक्ति के द्वारा गोधा दंपति की अनुमोदना
जो ले चले जैनत्व का गहना
संत समर्पण धर्म को किया सर्वस्व अपना
ना दिन देखा ना रात देखा, बस जैन महाकुंभ भव्य हो अपना

एक स्थान पर संतो का सानिध्य होना
किसी भव्य पुण्य से कम न होना
सपना गोधा का सपना
मनीष गोधा ने माना अपना
पूर्ण हो गया पट्टाचार्य समारोह और पूरा हो गया मनीष सपना गोधा का सपना
हम तो मिल कर करते इनकी अनुमोदना
इसी तरह होती रहे धर्म की प्रभावना
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312




