निवाई से 42 सदस्यों के दल ने सुमति धाम पर 400 जैन संतों के किए दर्शनविश्व में पहली बार सुमति धाम जैन महाकुंभ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ासंध संचालक विमल जौंला की अगुवाई में एक दल सुमति धाम पहुंचा

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निवाई से 42 सदस्यों के दल ने सुमति धाम पर 400 जैन संतों के किए दर्शनविश्व में पहली बार सुमति धाम जैन महाकुंभ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ासंध संचालक विमल जौंला की अगुवाई में एक दल सुमति धाम पहुंचा

निवाई – अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले सुमति धाम में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज का पट्टाचार्य पदारोहण महामहोत्सव में 400 जैन सन्तो का महाकुंभ मेला आयोजित किया गया जिसमें निवाई से 42 सदस्यों का दल जैन धर्म की प्रभावना करते हुए इस महाकुंभ में शामिल हुआ।

 

 

जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला ने बताया कि दिगम्बर जैन महासमिति संभाग निवाई एवं महिला अंचल के तत्वावधान में 42 सदस्यों का दल जयधोष के साथ अहिंसा भ्रमण करते हुए सुमति धाम महाकुंभ पहुंचा जहां जैन समाज के मंत्री महावीर प्रसाद पराणा महावीर इंटरनेशनल संस्था अध्यक्ष हुकमचंद जैन, ताराचंद गोयल, धर्मचंद सेदरिया, पदमचंद टोंग्या, अजीत काला, राकेश संधी, त्रिलोक रजवास, प्रेमचंद सोगानी त्रिलोक नला, संजय सोगानी, सुकुमाल जैन, नरेंद्र जैन, बाबूलाल जैन,कमल सोगानी,अक्षांत जैन सहित 42 सदस्यों के दल ने 400 जैन संतों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। निवाई से पहुंचे संध संचालक विमल जौंला के नेतृत्व में सुमति धाम पर जैन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें आचार्य से पट्टाचार्य पद पर सुशोभित विशुद्ध सागर महाराज एवं आचार्य विभव सागर महाराज द्वारा रचित ग्रंन्थों का हुकमचंद जैन की अगुवाई में विमोचन करवाया गया। अखिल भारतीय जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय जैन महाकुंभ सुमति धाम में निवाई टोंक जिले का सौभाग्य रहा है कि टोंक जिले में एक मात्र निवाई से सुमति धाम पर हो रहे 400 आहार के चोको में से एक चोके का निवाई का चयन हुआ है जिसका सोभाग्य श्रावक श्रेष्ठी जैन रत्न नवरत्न टोंग्या एवं अर्चना टोंग्या को मिला इस दौरान नवरत्न टोंग्या को श्रद्धालुओं ने बधाई संदेश दिया जहां टोंक जिले में हर्ष की लहर दौड़ गई। उन्होंने बताया कि यात्रा संध निवाई ने अहिंसा भ्रमण के अंतर्गत तीर्थ क्षेत्र तपो भूमि, अतिशय क्षेत्र कल्याण मंदिर, सुमति धाम मंदिर, महाकालेश्वर, अतिशय क्षेत्र सुसनेर, अतिशय क्षेत्र गोम्मटगिरी सहित अनेक तीर्थ यात्रा का लाभ लिया।

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