सृष्टिभूषण माताजी ने परिवारों की विसंगति पर कररा कटाक्ष किया जन्म से मृत्यु तक की यात्रा में जीवन का मूल्यांकन करना जरूरी है सृष्टि भूषण माताजी
इंदौर
परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105श्री सृष्टिभूषण माताजी का 24 अप्रैल को प्रातः पंचबालयति दिगंबर जिनालय विजयनगर से मंगल विहार हुआ माताजी समवशरण दिगंबर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार के दौरान एल आई जी मंदिर, जावरा वाला मंदिर ,उदासीन आश्रम, इंद्र भवन ,अनूप भवन तथा समवशरण मंदिर में स्थित नंदीश्वर जिनालय , सहस्त्रकूट प्रतिमाओं मान स्तंभ के दर्शन किए।
इसके उपरांत धर्मसभा में आर्यिका माताजी को शास्त्र जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य चिन्मय ,राजेश पंचोलिया को प्राप्त हुआ ।परम पूज्य आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि सभी को ब्रह्म मुहूर्त में उठना जागना चाहिए ,क्योंकि पापी का सोते रहना अच्छा है पुण्य आत्मा जीव ही जाग जाते हैं।

माताजी ने परिवारों में विसंगति टेंशन के बारे में माताजी ने कटाक्ष कर बोला कि 14 वर्ष की उम्र के बाद जवानी उर्ध्वगामी ऊर्जावान होती है ।आज जिन बच्चों को हम बोलना सिखाते हैं वह हमें चुप रखते हैं, जिन्हें हमने गिनती सिखाए वह हमारी गलती बताते हैं, जिनके जन्म के लिए हमने सजदे किए थे ,प्रार्थना की थी वह आज सदमे देते हैं ,जिन्हें कंधे पर लिटा कर सुलाते थे ,वह आज हमें कंडो पर सुलाते हैं अग्नि संस्कार करते हैं ,जिनके लिए खून पसीना बहाया था वह आज हमें पानी में बहाते हैं, जलाते ।
उन्होंने कहा इसलिए जन्म से मृत्यु तक की यात्रा में जीवन का मूल्यांकन करना जरूरी है कि हमारी आत्मा का उद्धार किससे कैसे होगा देव गुरु जिनवाणी की शरण उपकारी है।


आदि सृष्टि मंगलम के भक्त राजेश पंचोलिया अनुसार विहार के दौरान अनेक स्थानों पर पूज्य माताजी के चरण प्रक्षालन किए गए।

शाम को श्री सृष्टिभूषण माताजी का श्री शांति नाथ दिगम्बर जैन बीस पंथी मंदिर मल्हारगंज के दर्शन कर रात्रि विश्राम किया।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
