विश्व प्रसिद्ध महावीर जी का लक्खी मेला- भगवान महावीर के जयकारों के साथ आज निकलेगी विशाल रथयात्रा- खडगासन चौबीसी के होगें अभिषेक – उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी होगी मुख्य अतिथि – लाखों श्रद्धालु होगें शामिल

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विश्व प्रसिद्ध महावीर जी का लक्खी मेला- भगवान महावीर के जयकारों के साथ आज निकलेगी विशाल रथयात्रा- खडगासन चौबीसी के होगें अभिषेक – उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी होगी मुख्य अतिथि – लाखों श्रद्धालु होगें शामिल
श्री महावीरजी
– पूरे विश्व को जीओ और जीने दो का संदेश देने वाले, जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2624 वां जन्म कल्याणक महोत्सव (महावीर जयन्ती) पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में सोमवार 7 अप्रैल से शुरू हुए आठ दिवसीय वार्षिक लक्खी मेले में रविवार, 13 अप्रैल को मंदिर प्रांगण से विशाल रथयात्रा निकलेगी। रथयात्रा को मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजस्थान सरकार की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी जैन ध्वज दिखाकर मंदिर प्रांगण से रवाना करेगी। इस मौके पर लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे।

 

रथयात्रा गम्भीर नदी के तट पर जायेगी जहां भगवान महावीर के कलशाभिषेक होगें। इससे पूर्व शनिवार को मेले में सामूहिक पूजा, मेला निरीक्षण, सामूहिक आरती, शास्त्र प्रवचन, सांस्कृतिक संध्या एवं राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के आयोजन किये गये। 

शनिवार को प्रातः श्री वीर संगीत मण्डल जयपुर के सहयोग से चरण चिन्ह छत्री पर तथा दोपहर में कटला पश्चिमी पाण्डाल में सामूहिक पूजन की गई। अपरान्ह 4.00 बजे उप जिला कलेक्टर एवं प्रबन्धकारिणी समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सुधांशु कासलीवाल द्वारा मेले का निरीक्षण किया गया। मार्ग में जगह जगह स्वागत व सम्मान किया गया। सायकांल कटला प्रांगण में भगवान महावीर की संगीतमय आरती की गई। तत्पश्चात शास्त्र प्रवचन में धर्म के सिद्धांत समझाये गये। 
रात्रि में कटले के पूर्वी पाण्डाल में महिला जागृति संघ जयपुर द्वारा सांस्कृतिक संध्या हुई जिसमें रंगारंग कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति दी गई।
रात्रि में सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ जिसमें कवियों ने भगवान महावीर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कविता पाठ किया।

         

रविवार 13 अप्रैल को प्रातः खडगासन चौबीसी के अभिषेक होगें। दोपहर में 2 बजे मंदिर प्रांगण से विशाल रथयात्रा निकलेगी जो नदी तट पर जावेगी जहां श्री जी के कलशाभिषेक होगें।तत्पश्चात रथयात्रा वापस मंदिर पहुंचकर सम्पन्न होगी। इस प्रसिद्ध रथयात्रा में साम्प्रदायिक सौहार्द दर्शाते हुए जैन, अजैन, मीणा, गुर्जर सहित सभी जाति धर्मों के श्रद्धालु गण बडी संख्या में शामिल होंगे। तत्पश्चात सायंकाल 5.00 बजे नदी तट पर घुड़दौड़, ऊंट दौड के आयोजन होगें।

       

सोमवार, 14 अप्रैल को नदी तट पर ग्रामीण खेलकूद एवं कुश्ती-दंगल के बाद मेले का समापन होगा
। मेले में जैन अजैन सभी लाखों की संख्या में श्रद्धालुगण शामिल होगें। मेले में जैन अजैन सभी लाखाें की संख्या में श्रद्धालुगण शामिल हाेगें। गम्भीर नदी में मेले के लिए पाचना बांध से पानी छाेड़ दिया गया है ।
प्रतिवर्ष यहाँ महावीर जयंती के पावन अवसर पर आठ दिवसीय लक्खी मेला भरता है जिसमे देश विदेश के जैन समाज के श्रद्धालु एवं सभी समाज व वर्ग के भक्त गण मेले में साम्प्रदायिक साैहार्द के साथ भागीदारी निभाकर अपनी श्रद्धा भक्ति प्रदर्शित करते हैं वैशाख वदी एकम 13 अप्रेल 2025 काे भगवान महावीर की विशाल रथयात्रा दाेपहर 2:30 बजे मुख्य मन्दिर के कटला परिसर से विशाल जन समूह के साथ गंभीर नदी के तट पर पहुँचेगी वहाँ भगवान महावीर स्वामी की जिन प्रतिमा जी का जैन विधि अनुसार मंत्राेच्चार पूर्वक अभिषेक किया जाएगा उसके पश्चात रथयात्रा वापिस मन्दिर में आकर सम्पन्न हाेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों से आये हुए रुझान को देखते हुए समिति की तरफ से निशुल्क बस सेवा की व्यवस्था की पहल की गयी है। जयपुर क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र रेनवाल फागी, सांगानेर, शिवदासपुरा, चाकसू, टोंक, दौसा, निवारु, मकराना, दाँतारामगढ, मौजमाबाद, दूदू, सीकर, झोटवाड़ा आदि स्थानों से
निशुल्क बस व्यवस्था के माध्यम से हजारों जन इस विशाल शोभा यात्रा के दर्शन कर पाएंगे। समिति के इस प्रयास को समाज द्वारा सराहा जा रहा है।

वर्तमान में मंदिर के बारे में—–
श्री महावीर जी दिगम्बर जैन मंदिर के गगनचुम्बी धवल शिखर एवं स्वर्ण कलशाें पर फहराती जैन धर्म की ध्वजाएं सम्यक दर्शन, ज्ञान व चारित्र का संदेश और अनुपालना की प्रेरणा दे रही है। मंदिर की पार्श्व वेदी में मूलनायक के रूप में भगवान महावीर की मनाेज्ञ प्रतिमा विराजमान है। मूलनायक के दाेनाें ओर तीर्थंकर आदिनाथ स्वामी एवं पुष्पदंत स्वामी की प्रतिमाएं हैं। अन्य कलापूर्ण वेदियाें में अनेक तीर्थंकराें की पाषाण एवं धातु की दिगम्बर प्रतिमाएं विराजमान है। मंदिर में क्षेत्रपाल भी विराजमान हैं। यहां शनै-शनै मंदिर का विकास-विस्तार हाेता गया जाे अब भी निरन्तर है। मंदिर के भीतरी और बाहरी प्रकाेष्ठाें में संगमरमरी दीवाराें पर बारीक खुदाई से तथा भित्ति चित्रांकण से मंदिर की छटा काे आकर्षक व प्रभावकारी बनाया गया है। चित्रांकनाें में दिगम्बर जैन शैली के स्वर्णिम तेल चित्र भी हैं। मंदिर की बाह्य परिक्रमा में श्वेत संगमरमर पर दिगम्बर जैन आख्यानाें के कलात्मक भाव उत्कीर्ण किये गये हैं। सुन्दर परिक्रमा पथ पर श्रद्धालु फेरी लगाकर मनाेतियां मनाते हैं। मंदिर के चाराें और विशाल कटला है और बीच में कलापूर्ण देवालय है, जिसके मुख्य द्वार के सन्मुख 52 फीट ऊंचा संगमरमर से निर्मित मानस्तम्भ है, जिसके शीर्ष पर चार तीर्थंकराें की प्रतिमाएं हैं।

 

 

श्री महावीर जी क्षेत्र में समूचे भारत से हजाराें जैन धर्मावलम्बी आते हैं। यह क्षेत्र आज आस्था और अतिशय का क्षेत्र बन चुका है। तथा धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अनेक स्थानीय लाेगाें के लिए राेजगार के अवसराें का सृजन करता है। भगवान महावीर की प्रतिमा अति प्राचीन है और सैंड स्टाेन की निर्मित है।

विनोद जैन कोटखावदा से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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