दुनिया में चारों ओर अशांति का वातावरण है सभी की निगाहें भारत कि और है क्योंकि सभी को शांति चाहिये नियमसागर महाराज विदिशा

धर्म

दुनिया में चारों ओर अशांति का वातावरण है सभी की निगाहें भारत कि और है क्योंकि सभी को शांति चाहिये नियमसागर महाराज
विदिशा
“दुनिया में चारों ओर अशांति का वातावरण है सभी की निगाहें भारत कि और है क्योंकि सभी को शांति चाहिये उपरोक्त उदगार निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108नियमसागर महाराज ने अरिहंत विहार जैन मंदिर में प्रातःकालीन प्रवचन सभा में व्यक्त किये।

 

 

 

 

मुनि श्री ने कहा दुनिया के सबसे बडे़ नेता तीर्थंकर भगवान है, जिन्होंने “धर्म के क्षेत्र मे कभी मिलावट नहीं की” वर्तमान राजनीती तो स्वार्थनीति की हो गयी है। उन्होंने कहा कि भगवान ने जैसा कहा है यदि हम उसको वैसा नहीं मानते तो यह हमारा स्वार्थ ही है, क्योंकि व्यक्ति स्वार्थ में आकर स्वं को भूलकर लोभ कषाय को ही निमित्त बनाता है। उन्होंने कहा भगवान आदिनाथ स्वामी ने कषायों को जीता और दुनिया को जीवन जीने का मार्ग दिया वह राजधर्म और राजनीति दोनों को जानते थे,

आजकल तो मिलावट का जमाना है,जहा जिसका जैसा स्वार्थ सिद्ध होता,वह उस अनुसार मिलावट करके धर्म को राजनीति में जोड़ देता है। उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ के समय की राजनीति और वर्तमान राजनीति में जमीन आसमान का अंतर हो गया है,उन्होंने राजनीति को धर्म में मिलाया था, और आज धर्म के अंदर ही राजनीति आ गयी है। जो राजनीति शांति के स्थान पर अशांति दिलाए वह कैसी राजनीति? वह तो स्वार्थ नीति है उसको धर्म का नाम नहीं दें,और धर्म का विनाश न करें।

 

 

 

मुनि श्री ने कहा कि यदि धर्म का सूक्ष्म रुप देखा जाए तो दसवे तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ का डी.एन ए आज भी सभी के अंदर मौजूद है,दुनिया का सबसे बड़ा विज्ञान यही जैन धर्म है जो इस सृष्टि के मानव को जीवन जीने की कला सिखाता है।

 

जैन विज्ञान अद्भुत और सूक्ष्म है जिसे सभी जीव में पुदगल नजर आ रहा है पुदगल को छोड़कर अन्य द्रव्य दिख ही नहीं सकते इसका जितना अधिक प्रचार कर सकते हो करो भगवान की वाणी को सुनकर कब किस जीव के भाव परिवर्तित हो जाए और वह सम्यकत्व को प्राप्त कर ले।

सकल दि. जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया मुनिसंघ द्वारा जिन मंदिरों की वदना कार्यक्रम चल रहा हो दौपहर बाद मुनिसंघ सिविल लाईन्स से शीतलधाम की ओर प्रस्थान करेंगे एवं समवसरण मंदिर का अवलोकन करेंगे। गुरुभक्ति सांयकाल 6 बजे से होगी एवं रात्री विश्राम यहीं पर रहेगा 20 जुलाई शनिवार को प्रातः प्रवचन8-15 से होगे।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *