धन का सदुपयोग करें ये गौशाला पुण्य वर्धन का साधन है — अभय सागर जी महाराजअशोक नगर गौशाला में मुनि संघ ने किया भव्य प्रवेश
अशोक नगर —
दया को धर्म का मूल कहा गया है मूल अर्थात जड़ दया धर्म की जड़े गहरी होना चाहिए जीव दया के प्रति हम बहुत कुछ तो नहीं कर सकते आशीर्वाद ही दें सकते हैं।
आप लोग गौशाला के माध्यम जीव दया के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं ये बहुत खुशी की बात है।अशोक नगर गौशाला कि प्रसिद्धि भी बहुत है। आपकी गौशाला को सरकार ने भी सम्मानित किया है। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से ये जो जीव दया का उपक्रम दयोदय गौशाला चल रही है।इसे पुण्य वर्धन का साधन कहा गया है।
यह उद्बोधन अशोक नगर गौसेवा केन्द्र दयोदय गौशाला में धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य निर्यापक संत मुनि श्री अभयसागरजी


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महाराज ने व्यक्त किए सुबह इमला ग्राम से पद विहार करते हुए मुनि श्री अभयसागर महाराज मुनिश्री प्रभातसागर महाराज, मुनि श्री नीरीह सागरज महाराज ससंघ का श्री विद्यासागर दयोदय गौशाला में भव्य मंगल प्रवेश हुआ जहां दयोदय महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव राकेश लालाजी, राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय धुर्रा गौशाला कमेटी के महामंत्री प्रसुन, प्रमोद मंगल दीप, सहित अन्य भक्तों ने अगवानी की इसके पहले भक्तों की जय जय कार के बीच मुनिश्री ने गौशाला में भव्य प्रवेश किया यहां शोभायात्रा धर्म सभा में बदल गई।
मुनिश्री को शास्त्र भेंट किए
श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला गंज मन्दिर की बहनों ने मंगलाचरण किया। मुनिश्री को शास्त्र भेंट प्रकाश चन्द्र मनोज कुमार रन्नौद सुरेश चन्द्र राजीव कुमार मोसमजैन चन्देरी सुरेश कुमार मुन्ना बाझल ने भेंट किए। मुनिश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पवन कुमार सुनील कुमार जैन युवा वर्ग राज किंग राज प्रिन्स जैन मुनि श्री सुदत्तसागरजी महाराज को शास्त्र भेंट सुमत जैन सिगाडा ने भेंट किया
आचार्यश्री के आशीर्वाद से सैकड़ों गौशालाएं चल रही है
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए दयोदय महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय धुर्रा ने कहा कि आचार्य श्री के आशीर्वाद से देशभर सैकड़ों गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है हमारा सौभाग्य है कि अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकाल कर मुनि संघ अशोक नगर गौशाला पधारकर हमे जीव दया के लिए उपदेश दे रहे हैं। शैलेन्द्र श्रगार ने कहा कि आपके धन से ये गौशाला प्रगति कर रही है। हम इसको समय समय पर सहयोग देते रहे। इस दौरान शिरोमणि संरक्षक बनने पर प्रमोद कुमार मंगल दीप, दिनेश मोदपुर का अभिनन्दन किया गया। राकेश लालाजी ने कहा कि देश भर की गौशालाओं को महासंघ अनुदान दें रहा है राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमजी से विचार विमर्श कर पाच लाख रुपए की राशि अशोक नगर दयोदय गौशाला को महासंघ द्वारा दी जाएगी इस दौरान भक्तों ने गौशाला के लिए मुक्त हस्त से दान समर्पित किया।
जीव मात्र की रक्षा में पुण्य ज्यादा है-प्रभातसागरजी
मुनिश्री प्रभातसागर जी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में आया है सुमेरू पर्वत की आकृति को रखा जाये और दूसरे पलड़े में एक जीव की रक्षा को रखें तो सुमेरू पर्वत के स्थान पर जीव रक्षा का ही पुण्य अधिक होगा। ऐसी है दान की महिमा को सभी जगह स्थान मिला है कई दान देने के भाव होते हैं।
मुनि श्री निरीह सागरजी महाराज ने कहा कि आपके जीवन में अनेक विसगतिया बन जाती है आइये इन्हें हम समझकर दूर कर लेते हैं। हमें जब संत मिल जाते हैं तो हम जय जय कार करते हैं। शतायु हो दीर्घ आयु हो। नारे लगाते है। तो आचार्य श्री कहते हैं कि पुर्ण आयु हो जो हमने आयु प्राप्त की है वह धर्म ध्यान पूर्वक बीते।
मुनि श्रीअभयसागर जी, प्रभात सागरजी, मुनि श्री निरीह सागरजी, मुनिश्री सुदत्त सागरजी महाराज की आहारचर्या गौशाला में हुई। दोपहर बाद मुनि संघ ने सवोदरी के लिए विहार कर दिया। और थूबोनजी की ओर कदम बढ़ा दिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
