गुरु पूजन कर मनाया 57 वा दीक्षा दिवस ।आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस
मदनगंज किशनगढ़। शुक्रवार को रूपनगढ़ रोड स्थित श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में प्रातः 20वीं सदी के दिगंबर परंपरा के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के 57वे दीक्षा दिवस (फाल्गुन शुक्ला अष्टमी) धूमधाम से विनय पूर्वक मनाया गया। आचार्य श्री के चित्र के समक्ष पूजन के दौरान भक्ति नृत्य करते हुए का भक्तों ने जल, चंदन,अक्षत,नैवेद, दीप, धूप, फल आदि अष्ट द्रव्य समर्पित किए। आचार्य श्री की जयकारों के साथ माहौल भक्तिमय हो गया, अंत में आचार्य श्री की आरती की गई
इससे पूर्व मूलनायक मुनिसुव्रतनाथ भगवान के जल, नारियल पानी, नारंगी रस, मौसंबी रस,अनार रस, सर्वोषधि, शर्करा, घृत, केसर, पुष्प, सुगंधित जल से पंचामृत अभिषेक कर विश्व शांति के लिए शांति धारा की गई।
इस दौरान विजय कुमार कासलीवाल,सुमेर गोधा, चेतन प्रकाश पांडया, निर्मल कुमार पाटौदी,गौरव पाटनी ,संजय पांडया, प्रदीप बाकलीवाल, राजेश पांडया, विजय गंगवाल, अनिल पाटनी फुलेरा, मोनू वेद, सुभाष चौधरी, मुकेश पांडया, मनीष बड़जात्या, कैलाश गंगवाल, अनीता बाकलीवाल, प्रेमलता पांडया, अनीता कासलीवाल, पुष्पा पांडया, ममता पाटनी, अमीषा पांडया,सुमन बैंद, तारा देवी पाटनी, नैना बाकलीवाल सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।

गौरव पाटनी ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ अभी प्रतापगढ़ जिले के धरियाबाद में 52 पिच्छिका सहित विराजमान है।
और आज से 56 वर्ष पूर्व आचार्य धर्म सागर जी महाराज द्वारा अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में आचार्य श्री को दीक्षा प्रदान की गई थी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
