आचार्य श्री वसुनंदी महाराज के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव का हुआ शुभारंभ आचार्य श्री का संघ सहित हुआ जुरहरा में मंगलआगमन
जुरहरा
बुधवार की अनुपम बेला में पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इन पलों में आचार्य श्री 108 वसुनंदी महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान का पंचकल्याणक महोत्सव करने एवं उसकी अनुमोदना करने मात्र से मानव जीवन का मंगल होता हैं। आचार्य श्री का बुधवार की बेला में नगर में मंगल आगमन हुआ। आचार्य जी ने कहा कि प्रत्येक जीव अपना मंगल चाहता है। इसीलिए किसी भी शुभ काम को करने के पहले मंगलाचरण किया जाता है। और कहां की तीर्थ की पैदल वंदना करने से पुण्य का संचय होता है। आचार्य श्री ने मंगलवार शाम को कामा से मंगल विहार करते हुए सोनोखेर में रात्रि विश्राम उपरांत बुधवार को नगर में मंगल प्रवेश किया।

महेंद्र जैन एवं अंकित जैन से मिली जानकारी अनुसार आचार्य श्री का भव्य मंगल प्रवेश हुआ जगह जगह जय जयकार करते हुए गुरुदेव की अगवानी की गई एवं जगह-जगह उनका पद प्रक्षालन कर मंगल आरती की गई एवम आगवानी की गई।
पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत नेमीश्वर धाम पर बनाई गई अयोध्या नगरी में गुरुदेव को लाया गया। जहां विधिवत रूप से पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया। इसके साथ ही चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर से घट यात्रा एवम रथ यात्रा भी निकाली गई। जिसमें दो रथो में श्रीजी की प्रतिमा विराजमान थी। एक गजरथ विभिन्न झांकियां के अलावा पंचकल्याणक में बने पात्रों को बग्गी में बिठाकर अयोध्या नगरी लाया गया।

अयोध्या नगरी में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ चित्र अनावरण,दीप प्रज्वलन, एवं अनेक धार्मिक आयोजनों के साथ गर्भकल्याणक महोत्सव के साथ माता की गोद भराई की गई।

गुरुवार की बेला में जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जिसके तहत शोभायात्रा निकाली जाएगी एवं हेलीकॉप्टर से पुष्प वृष्टि की जाएगी।

जिसके लिए बनाई गई पाण्डुक शिला पर भगवान का जन्म अभिषेक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर नगर में अभूतपूर्व उत्साह बना हुआ है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
