*संसार का प्रत्येक जीव सुख शांति समृद्धि चहता है उसके अनुसार पुरुषार्थ करें –मुनि श्री अविचल सागर महाराज
अशोकनगर–
संसार का प्रत्येक जीव सुख शांति समृद्धि चाहता है जव तक जीवन है सभी भौतिक सुख चाहते है सुख चाहने वाला व्यक्ति धर्म कार्य में उत्साह पूर्वक शामिल भी होता है ये हम सब देखते हैं हम ऐसा भी भाग्य का निर्माण कर सकते जिससे कि आप राख में हाथ डाले तो सोना बन जाये।
सुख सभी चाहते हैं और चाहते हैं कि वे संसार के सबसे सुखी सम्पन्न व्यक्ति बने इसके लिए समुचित पुरुषार्थ करने की आवश्यकता है सिर्फ चाहने से सब कुछ मिलने वाला नहीं है इन सब के लिए सतत् पुरुषार्थ करने की जरूरी है इस दिशा में अभी से लग जाने की आवश्यकता है उक्त आश्य केउद्गार सुभाष गंज में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने व्यक्त किए।

अशोक नगर में बनेगा नवीन गो चिकित्सालय -राकेश कासल
दोपहर में पंचायत कमेटी की बैठक मुनिश्री के सान्निध्य में हुई जहां जैन समाज के अध्यक्ष राकेश कासंल ने कहा कि हम सब के सौभाग्य से परम पूज्य मुनि श्री का आगमन हमारे नगर में हुआ है दया भावना फाउण्डेशन के माध्यम से अशोक नगर में पशु चिकित्सा सेवा प्रारंभ हो गई है और बच्चे इस दिशा में ख़ासकर टिंकल सुलभ सचिन जैन विवेक अमरोद सहित सभी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। अब एक भव्य अस्पताल का निर्माण हो इसकी रूपरेखा तैयार कर हम समाज के समक्ष रखकर इसको मूर्त रूप देंगे।

इस दौरान महामंत्री राकेश अमरोद ने कहा कि मुनिश्री आपने अनेक स्थानों पर गौशाला गो चिकित्सालय की स्थापना कराई है और हम आपकी छत्र छाया में इस दिशा में काम करना चाहते हैं इस दौरान कमेटी के अन्य प्रमुख जनो ने अपनी भावनाएं रखी।
प्रभु से निश्छल प्रेम करना सीख लिया उसी दिन मार्ग खुल जायेगा
मुनिश्री ने कहा कि भगवान की धर्म सभा समवशरण के रूप लगती है जहां एक साथ मनुष्यों के साथ पशु पक्षी और चतुरनिकाय के देव एक साथ बैठकर धर्म श्रवण करते हैं प्रभु के वचनों को सुनकर अपने मन को शांत कर रहे थे उन अरिहंत प्रभु को अपनी दोनों आंखें से देखकर अपने आप को कृतार्थ करें रहे थे हमें भी ऐसा सौभाग्य प्राप्त हो इस संसार के सुख दुःख को छोड़ कर इस आत्मा से चार घातिया कर्मो का नष्ट कर अरिहंत दशा को प्राप्त कर सकूं इसके लिए तो हम मुनि जन कठिन तपस्या के रास्ते पर चल रहे हैं उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले प्रभु से प्रेम करना सीखना होगा भगवान से प्रेम करने के लिए किसी से प्रेम छोड़ने की आवश्यकता नहीं है भगवान से निश्छल प्रेम करना जिस दिन सीख लिया उसी दिन तुम्हारे लिए सही मार्ग मिल जायेगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
