परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आज श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बालवाडी़ में 2-3अप्रेल को होने वाली भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का हुआ विमोचन
मनुष्य को हमेशा भक्ति भाव से कार्य करना चाहिए जिससे शुभ कर्मो का बंध हो और दुखों से छुटकारा मिले आर्यिका विज्ञा श्री

जयपुर/
परम पूज्य भारत गौरव 105 विज्ञान श्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आगामी 2-3 अप्रैल को होने वाली भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका आज विमोचन हुआ। समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज भरी धर्म सभा में आर्यिका श्री ने अपने मंगलमय उद्बोधन में श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति जब संगीत में प्रवेश करती है संगीत कीर्तन बन जाता है, भक्ति जब सफर में प्रवेश करती है सफर तीर्थयात्रा बन जाता है, भक्ति जब भूख में प्रवेश करती हैं भूख व्रत बन जाती है, भक्ति जब घर में प्रवेश करती है घर मंदिर बन जाता है, भक्ति जब व्यक्ति में प्रवेश करती है , व्यक्ति मानव बन जाता है, भक्ति जब पानी में प्रवेश करती है तो पानी चरणामृत बन जाता है, भक्ति से ऐसे कार्य करो जिससे शुभ कर्मों का बंध हो और दुःखों से छूटकारा मिले,दुःख में भगवान को याद करने का हक उसी को है जिसने सुख में उसका , शुक्रिया अदा किया हो दुःख में सुमिरन सब करे सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे तो दुःख काय को होय।। इस लाइन को जिसने अपने जीवन में उतार लिया उसी का जीवन सुखी बन गया। कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
