पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 7 फरवरी को हुआ मंगल विहार अश्रुपूरित नेत्रों से दी बिदाई। संकल्प भक्ति पुरुषार्थ से सब कार्य सफल होते हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

धर्म

पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 7 फरवरी को हुआ मंगल विहार अश्रुपूरित नेत्रों से दी बिदाई। संकल्प भक्ति पुरुषार्थ से सब कार्य सफल होते हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पारसोला

पारसोला से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 28 फ़रवरी से 7 मार्च 2025 के दौरान 248 दिवसीय प्रवास के दौरान अनेक धार्मिक अनुष्ठानों को प्रभावना पूर्वक कर 7 फरवरी को मंगल बिहार किया।मंगल विहार के पूर्व समाज की धर्म सभा में मंगल देशना में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बताया कि हमने कर्नाटक से राजस्थान की ओर मंगल विहार किया हमने कर्नाटक से राजस्थान आने का संकल्प किया ,वह भक्तों की भक्ति और पुरुषार्थ से वह कार्य सफल हुआ हमारा संकल्प और समाज का पुरुषार्थ भक्ति से अनेक कार्य सिद्ध हो जाते हैं राजस्थान के अतिरिक्त अन्य नगरों के लोग पारसोला की प्रशंसा करते हैं क्योंकि पारसोला समाज में आचार्य परंपरा के प्रति भक्ति और अटूट श्रद्धा है यह अनुकरणीय और प्रशंसनीय है। समाज में 40 से अधिक सक्रिय बालक बालिका युवा महिलाओं सभी वर्ग के मंडल हैं यह मंडल धरातल पर समाज के हित में कार्य करते हैं इसलिए कहा जा सकता है कि यह मंडल है , बंडल नहीं है।पारसोला में मार्च माह में पंचकल्याणक में समाज ने अटूट श्रद्धा भक्ति से महोत्सव को सफल बनाया समाज के उत्साह भक्ति को देखकर यह विश्वास हुआ कि पारसोला की संगठन शक्ति में बड़े से बड़े आयोजन करने की क्षमता को दृष्टिगत रख आचार्य संघ ने पारसोला चातुर्मास करने का निर्णय अनेक माह पूर्व लिया।पारसोला नगर से ब्रह्मचारी गज्जू भैया राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के साथ मुनिश्री चिन्मयसागर जी, श्री हितेन्द्रसागर जी श्री प्रशंमसागर जी, श्री प्रभवसागर जी , श्री चिंतनसागर जी , श्री दर्शित सागर जी,श्री प्रबुद्धसागर जी मुनि श्री मुमुक्षुसागरजी , मुनि श्री प्रणितसागरजी,आर्यिका श्री शुभमती जी, श्री शीतलमति जी,आ श्री चैत्यमति जी ,आश्री वत्सलमतिजी, श्री विलोकमति जी, आ श्री ,आ श्री दिव्यांशु मति जी ,आ श्री पूर्णिमामति जी आ श्री मुदितमति जी ,आ श्री समर्पितमति जी आ श्री विचक्षणमति जी आ श्री निर्मुक्त मति जी, आ श्री विन्रममति जी आ श्री दर्शनामति जी, आ श्री देशनामतिजी, आ श्री महायशमती जी , आर्यिका श्री देवर्धिमति आ श्री प्रणतमति आ श्री निर्मोहमति ,श्री पद्मयशमति आ श्री दिव्ययश मति, आर्यिका श्री प्रेक्षामति जी, आर्यिका श्री जिनेश मति श्री क्षुल्लक श्री विशाल सागर जी , श्री प्राप्ति सागरजी का पारसोला नगर से 7 फरवरी को आहार के पश्चात दोपहर को बिहार हुआ । 7 फरवरी को संघ का रात्रि विश्राम श्रवण नगर में हुआ। 8 फरवरी को आचार्य श्री संघ की आहार चर्या श्रवण नगर मुंगाना रोड पर होने के बाद दोपहर को बिहार कर रात्रि विश्राम मुंगाना में होगा। राजस्थान के अनेक नगरों से आचार्य संघ के आगमन हेतु श्रीफल भेंट कर निवेदन प्रतिदिन किया जा रहा है । प्रतापगढ़ दिगम्बर जैन समाज द्वारा भी निवेदन किया गया।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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